लखबीर सिंह से पहले सिंघु बॉर्डर पर हथियारों से लैस निहंग पहले भी कर चुके हैं हमला
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लखबीर सिंह से पहले सिंघु बॉर्डर पर हथियारों से लैस निहंग पहले भी कर चुके हैं हमला

सीआईडी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार को झुकाने के लिए 17 फरवरी को निहंग बाबा कृपाल सिंह ने मुख्य स्टेज से दिल्ली का कारोबार बंद करने की बात कही थी.

लखबीर सिंह से पहले सिंघु बॉर्डर पर हथियारों से लैस निहंग पहले भी कर चुके हैं हमला

विनोद लांबा/ चंडीगढ़ : सिंघु बॉर्डर पर लखबीर सिंह की बेरहमी से हत्या के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कल हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी. इसमें सीआईडी (CID) ने कुंडली किसान धरनास्थल पर निहंग सिखों के संबंध में एक रिपोर्ट पेश की.

CID ने सीएम को बताया कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में जी.टी.रोड कुंडली सिंघु बॉर्डर, सोनीपत पर गत वर्ष 27 नवंबर से पंजाब-हरियाणा के किसान धरने पर बैठे हैं. इस धरने में 3500 से 3600 लोग मौजूद हैं. इन लोगों में 180/190 महिलाएं, 400/500 युवा और करीब 200/225 निहंग सिख अपने पारम्परिक हथियारों के साथ मौजूद हैं.

निंहग सिखों की धरनास्थल पर शुरू से ही 650/700 की हाजरी रही है और इस समय 200/225 निहंग सिख अपने 55 घोड़ों के साथ हर समय अपने पारम्परिक वेशभूषा व हथियारों के साथ धरनास्थल की मुख्य स्टेज के आसपास मौजूद रहते हैं. ये रात के समय धरना व मुख्य स्टेज की पहरेदारी करते हैं. 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निहंग सिख ज्यादातर नशे में रहते हैं और छोटी से छोटी बातों पर आने-जाने वालों के साथ मरने मारने पर उतारू हो जाते हैं. धरनास्थल पर मौजूद अन्य सिख संगठन भी इनसे कुछ कहने की हिम्मत नहीं रखते. निहंग सिख लोगों में दहशत फैलाने के लिए अपने पारम्परिक हथियारों के साथ घोड़ो पर करतब करते रहते हैं. उन्होंने मुख्य स्टेज के पीछे टेंट लगाकर अस्थाई तौर पर गुरुग्रंथ साहिब स्थापित किया है, जहां पर पंजाब के किसान व संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी माथा टेककर अरदास करते हैं.

इस साल 26 जनवरी निहाल बाबा राजा राज सिंह के नेतृत्व में 40 घोड़ो घोड़ों पर निहंग सिखों ने पारम्परिक वेशभूषा व हथियारों के साथ दिल्ली के लालकिले पर पहुंचकर उत्पात मचाया था. इस दौरान कई लोग घायल हो गए थे और एक घोड़े ने भी दम तोड़ दिया था. 2 फरवरी को निहंग सरदारों ने शेखर नाम के युवक के बाएं हाथ पर तलवार से हमला कर दिया था. इस मामले में आरोपी मनप्रीत निवासी गांव सुल्तानपिंड अमृतसर जेल में बंद है. 

दिल्ली का एक्सपोर्ट बिजनेस बंद करने को कहा था 

17 फरवरी को निहंग बाबा कृपाल सिंह ने मुख्य स्टेज से कहा था कि निहंग फौज संयुक्त किसान मोर्चा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. सरकार ने हमारी अभी तक कोई सुनवाई नहीं की हैं. हमारा यहां बैठने का कोई फायदा नहीं हैं. जब तक दिल्ली का एक्सपोर्ट का काम धंधा व दिल्ली जाने वाले लिंक रोड बंद नहीं किए जाते तब तक केंद्र सरकार हमारी कोई बात नहीं मानेगी.

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पुलिस अधिकारियों को चेतावनी 

25 फरवरी को निहंग बाबाओं द्वाराने धरनास्थल पर दिल्ली के पुलिस अधिकारियों से कहा था कि हरियाणा की तरफ जो आपके कंटेनर रखे हैं, उन्हें हटा लें साथ ही एक/दो दिन की मोहलत देते हुए इसे अपने तरीके से हटाने की बात कही थी. इन की कारगुजारियों से तंग आकर 12 जुलाई को किसान नेता सुरेश कोथ हिस ने मुख्य स्टेज से कहा था कि निहंग बाबा घोड़ों पर चढ़कर आने जाने वालों से नशे में बदतमीजी करते हैं. उनकी ऐसी हरकतें मुझे दोबारा नजर नहीं आनी चाहिए

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