बिलासपुर की एक ऐसी जगह जहां दिन में भी दिखा आदमखोर तेंदुआ आतंक, ग्रामीणों ने लगाई ये गुहार
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बिलासपुर की एक ऐसी जगह जहां दिन में भी दिखा आदमखोर तेंदुआ आतंक, ग्रामीणों ने लगाई ये गुहार

बिलासपुर जिला के घुमारवीं उपमंडल के तहत भराड़ी क्षेत्र की मरहाणा पंचायत के ग्रामीण इन दिनों तेंदुए के डर से खौफजदा हैं. जी हां, खूंखार तेंदुए का आतंक केवल एक या दो गांव में नहीं बल्कि मरहाणा पंचायत के पांच गांव के सैंकड़ों ग्रामीणों डरा रहा है.

बिलासपुर की एक ऐसी जगह जहां दिन में भी दिखा आदमखोर तेंदुआ आतंक, ग्रामीणों ने लगाई ये गुहार

विजय भारद्वाज/बिलासपुरः बिलासपुर जिला के घुमारवीं उपमंडल के तहत भराड़ी क्षेत्र की मरहाणा पंचायत के ग्रामीण इन दिनों तेंदुए के डर से खौफजदा हैं. जी हां, खूंखार तेंदुए का आतंक केवल एक या दो गांव में नहीं बल्कि मरहाणा पंचायत के पांच गांव के सैंकड़ों ग्रामीणों डरा रहा है. बता दें कि डेढ़ साल पहले भी मरहाणा पंचायत में तेंदुए का खौफ देखने को मिला था जिसने पंचायत से संबंधित दो मासूम बच्चों व साथ लगती अन्य पंचायत के एक बच्चे को अपना शिकार बनाया था.

उसके बाद वन विभाग द्वारा आदमखोर तेंदुए को मार गिराने के लिए शूटर्स की टीम को बुलाया गया था और कड़ी मशक्कत के बाद शूटर्स की टीम ने तेंदुए को मार गिराया और गांव के लोगों को खूंखार तेंदुए के खौफ से निजात मिली थी. वहीं अब डेढ़ साल बाद एक बार फिर तेन्दुआ लौट आया है और इस बार मरहाणा पंचायत के कुठेड़ा, भंजवानी, झंझवानी, भियोल, मलोट व पपलाह गांव में इसका आतंक देखने को मिल रहा है.

वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है की सुबह व शाम के समय तो तेंदुआ दहाड़ता ही है मगर कई बार दोपहर को भी गांव में तेंदुआ घूमता हुआ देखा गया है जिसके चलते गांव के लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे है. वहीं आलम यह है कि आसपास जंगल होने के चलते परिजन बच्चों को खुद स्कूल छोड़ने जाते है और तीन चार लोग मिलकर झुंड बनाकर ही घांस काटने जाते हैं.

'डेढ़ साल पहले भी मरहाणा व साथ लगती पंचायत के कई गांव में तीन बच्चों को तेंदुआ बना चुका है अपना शिकार'

वहीं मरहाणा पंचायत प्रधान जगत सिंह ठाकुर व वार्ड सदस्य सरोज कुमारी ने बताया कि इससे पहले भी एक आदमखोर तेंदुआ तीन मासूम बच्चों की जान ले चुका है उसका आतंक खत्म हुए कुछ ही वर्ष बीते थे कि एक अन्य तेंदुआ गांव के आस पास घूमता नजर आ रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम ने तेंदुआ पकड़ने के लिए खाली पिंजरा लगाया है जिसके चलते तेंदुआ पिंजरे में नहीं फस पा रहा है.

वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग के आलाधिकारियों से जल्द से जल्द शूटर टीम बुलाकर इस तेंदुए को मार गिराने या फिर बेहोश कर कहीं दूर जंगल में छोड़ने की अपील की है नहीं तो आने वाले समय में कोई मासूम बच्चा या फिर गांव का कोई व्यक्ति इस तेंदुए का शिकार बन सकता है.

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'एक या एक से अधिक हो सकते हैं तेंदुए, वन विभाग ट्रेस कर लगाएगा जल्द पता'

वहीं वन विभाग बिलासपुर के मुख्य अरण्यपाल अनिल शर्मा ने माना कि भराड़ी क्षेत्र के अंतर्गत मरहाणा पंचायत में तेंदुए दिखने की शिकायत तो वन विभाग को मिली है जिसको लेकर विभाग ने दो पिंजरे लगाए हैं. साथ ही उन्होंने मरहाणा पंचायत में एक या एक से अधिक तेंदुए होने की आशंका जताई है जिसे ट्रेस किया जा रहा है और जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि तेंदुए ने अभी तक किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया है और आगे भविष्य में भी किसी को नुकसान ना पहुंचाए इसके लिए वन विभाग की टीमों को पंचायत के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में भेजा गया है जो कि ग्रामीणों को तेंदुए के व्यवहार व सुरक्षा के मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं ताकि तेंदुए के पकड़ने जाने तक लोगों को सुरक्षित रखा जा सके.

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