डीजीपी को केंद्र सरकार ने भेजा था दो साल के लिए कैसे दी जा सकती है एक्सटेंशन-विज

गृह मंत्री अनिल विज ने डीजीपी मनोज यादव का कार्यकाल बढ़ाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने बकायदा नियमों का हवाला देते हुए लोक सेवा आयोग को सात सदस्यों के नाम का अलग पैनल बनाकर भेजने की पैरवी की थी।

डीजीपी को केंद्र सरकार ने भेजा था दो साल के लिए कैसे दी जा सकती है एक्सटेंशन-विज
अनिल विज ने डीजीपी नियुक्त किए मनोज यादव को लेकर जारी किए पत्रों को सार्वजनिक किया

  
विनोद लांबा/ चंडीगढ़ : हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज को डीजीपी मनोज यादव की एक्सटेंशन रास नहीं आ रही है। उन्होंने दो साल पहले केंद्र की ओर से हरियाणा में बतौर डीजीपी नियुक्त किए मनोज यादव को लेकर जारी किए पत्रों को सार्वजनिक किया। उन्होंने दो टूक कहा कि वैसे तो उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है। उन्हें कायदे से रिलीवी भी किया जा सकता है।

बता दें कि गृह मंत्री अनिल विज ने डीजीपी मनोज यादव का कार्यकाल बढ़ाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने बकायदा नियमों का हवाला देते हुए लोक सेवा आयोग को सात सदस्यों के नाम का अलग पैनल बनाकर भेजने की पैरवी की थी।

काबिलेगौर है कि 20 फरवरी को पुलिस महानिदेशक मनोज यादव का कार्यकाल पूरा हो गया है। सरकार की ओर से उन्हें 7 जनवरी को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी एक आदेशानुसार यादव का कार्यकाल 20 फरवरी तब आगामी आदेशों तक कार्यकाल विस्तार दे दिया था। जबकि नियम यह है कि विस्तार कार्यकाल तभी मान्य होगा, जब सरकार राज्यपाल से तुरंत एक अध्यादेश जारी करवाकर उपरोक्त हरियाणा पुलिस सेवा नियम 6 (2 ) में उपयुक्त संशोधन करवाएगी ताकि उनके सेवा विस्तार को कानूनी मान्यता प्रदान हो सके।

वर्ष 2019 में 18 फरवरी को मनोज यादव को हरियाणा डीजीपी नियुक्त किया गया था। उसमें उनका कार्यकाल दो साल के लिए निर्धारित किया गया था। बाकायदा तत्तकालीन गृह सचिव की ओर से पत्र में इसका उल्लेख किया गया है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए पत्र में भी स्पष्ट उल्लेख है कि आईबी निदेशक मनोज यादव को दो साल के लिए हरियाणा में भेजा जा रहा है। इसका उल्लेख आईपीएस की नियमावली में किया गया है।

वहीं विज ने डीजीपी एक्सटेंशन मामले में कहा कि मैं भेज दूंगा जब केंद्र सरकार ने दो साल के लिए ही डीजीपी को भेजा था। हम एक्सटेंशन कैसे दे सकते हैं इसीलिए मैंने पत्र लिखा है। विज ने कहा कि दो साल पूरा होने के बाद एक्सटेंशन नहीं दी जा सकती थी, क्योंकि एक्सटेंशन केवल केंद्र दे सकता था।