हरियाणा में विकास रिवर्स और अपराध टॉप गियर में चल रहा, हर ओर भय का माहौल : कुमारी सैलजा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2020 के पहले छह माह के दौरान पुलिस थानों में दर्ज मामलों के मुकाबले इस साल इसी अवधि में सात प्रतिशत अधिक केस दर्ज हुए है. पिछले वर्ष 1 जनवरी से 30 जून तक थानों में 61237 मामले दर्ज हुए थे. इस साल छह महीनों में पुलिस ने 66083 केस दर्ज किए.

हरियाणा में विकास रिवर्स और अपराध टॉप गियर में चल रहा, हर ओर भय का माहौल : कुमारी सैलजा
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने आज अपराध के मुद्दे पर मनोहर लाल सरकार को घेरा

साक्षी शर्मा / चंडीगढ़ : हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा है कि राज्य में विकास रिवर्स गियर में चल रहा है, जबकि अपराध व बेरोजगारी टॉप गियर में हैं. हालात से मुंह मोड़कर सरकार न जाने किस उपलब्धि पर आत्ममुग्ध है और गदगद होकर अपनी पीठ थपथपाती नहीं थक रही है. कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि हर ओर भय व आशंका का माहौल है.

आज यहां जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार की दिशाहीन कार्यशैली के कारण उसे हर मोर्चे पर विफलता का मुंह देखना पड़ रहा है. अपराध पर जरा भी रोक नहीं लग पा रही है. अपराधियों के हौसले दिनों दिन बुलंद हो रहे हैं.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2020 के पहले छह माह के दौरान पुलिस थानों में दर्ज मामलों के मुकाबले इस साल इसी अवधि में सात प्रतिशत अधिक केस दर्ज हुए है. पिछले वर्ष 1 जनवरी से 30 जून तक थानों में 61237 मामले दर्ज हुए थे. इस साल छह महीनों में पुलिस ने 66083 केस दर्ज किए.

पुलिस पर बेतरतीब खर्च हुआ 

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार ने पुलिस तंत्र को बेहतर बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर डाले. कभी नए वाहनों पर, कभी पुलिस को हाईटेक बनाने के नाम पर तो कभी बिल्डिंग व अन्य संसाधनों के नाम पर बेतरतीब खर्च किया गया, लेकिन परिणाम क्या निकला? अपराध नियंत्रण के लिए जितना अधिक धन खर्च हुआ, अपराध उतना ही बढ़ गया.

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पुलिस सारे केस नहीं कर रही दर्ज 

उन्होंने कहा कि अपराध में छह माह का आंकड़ा तो सिर्फ दर्ज मामलों का है. ऐसी शिकायतें बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं, जिनमें पुलिस केस दर्ज नहीं कर रही. अगर पुलिस थानों में पहुंचने वाले सभी केस दर्ज किए जाएं तो आंकड़ा और डरावना हो जाएगा. 

सरकार के रवैये पर सवाल 

सरकार में शीर्ष स्तर पर अहम का टकराव अक्सर देखने को मिल रहा है, जो पुलिस का मनोबल तोड़ रहा है. इससे अपराधी निरंकुश हो रहे हैं. कभी मंत्री तो कभी शीर्ष अधिकारी एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा संभाले दिखाई देते हैं. इससे अराजकता की स्थिति पैदा हो रही है. कुमारी सैलजा ने कहा कि समझ से बाहर है कि सरकार हालात की गंभीरता को क्यों नहीं समझना चाहती ?