ऐलनाबाद उपचुनाव: इस बार 48 नहीं, 72 घंटे पहले बंद होगा चुनाव प्रचार
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ऐलनाबाद उपचुनाव: इस बार 48 नहीं, 72 घंटे पहले बंद होगा चुनाव प्रचार

अबकी बार चुनाव आयोग ने चुनावी रण में उतरे कैंडिडेट्स की खर्च सीमा का दायरा बढ़ा दिया है.पिछली बार सभी कैंडिडेट्स को 28 लाख रुपये खर्च करने की छूट दी गई थी, जो अब  30.80 लाख हो गई है. 

ऐलनाबाद उपचुनाव: इस बार 48 नहीं, 72 घंटे पहले बंद होगा चुनाव प्रचार

साक्षी शर्मा/ चंडीगढ़ : ऐलनाबाद उपचुनाव पर सबकी निगाहें टिकी हैं. हरियाणा सरकार और विपक्षी पार्टी अपने-अपने कैंडिडेट्स को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं. 30 अक्टूबर को होने वाले इस चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग अपनी तरफ से सभी जरूरी तैयारियों को अमलीजामा पहना रहा है.

अबकी बार चुनाव आयोग ने चुनावी रण में उतरे कैंडिडेट्स की खर्च सीमा का दायरा बढ़ा दिया है. इस बार उन्हें 2.80 लाख अतिरिक्त खर्च करने की छूट दे दी है. पिछली बार आयोग ने सभी कैंडिडेट्स को 28 लाख रुपये खर्च करने की छूट दी थी, जो अब  30.80 लाख हो गई है. आयोग ने साफ कर दिया है कि उसकी तैयारियां पूरी हैं और चुनाव निष्पक्ष रूप से होगा. 

अबकी बार 21 पोलिंग बूथ बढ़ाए

चुनाव आयोग की तरफ से अबकी बार पोलिंग बूथ  की संख्या भी बढ़ाई गई है. गत विधानसभा चुनाव में आयोग ने 190 पोलिंग बूथ स्थापित किए थे, लेकिन अबकी बार 21 बूथ बढ़ा दी गए हैं. इस बार कुल 211 पोलिंग बूथ बनेंगे. वहीं ऑग्जिलरी बूथ की भी संख्या तय गई है. ये कुल 11 होंगे। इस कैटेगरी में वो पोलिंग बूथ होते हैं जिन पर वोटर्स की संख्या 1200 या इससे ज्यादा हो.

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कुल 186103 वोटर और 313 सर्विस वोटर

अगर वोटर्स की बात करें तो इनकी संख्या 186103 है. इनमें से पुरुष वोटर का आंकड़ा 99138 है. वहीं महिला वोटर की संख्या 86984 है. इसके अलावा 1 ट्रांसजेंडर वोटर है, जिसको अन्य की कैटेगरी में रखा गया है.  वहीं सर्विस वोटर की संख्या 313 है. इसमें आर्मी पर्सन आते हैं. उन्हें उनकी वर्तमान पोस्टिंग से ही वोटिंग का अधिकार होता है. उनका वोट डाक के माध्यम से आएगा.  इसके अलावा 368 वोटर दिव्यांग है. इनके सहूलियत के लिए अलग इंतजाम किए जाएंगे 

इसके अलावा इस बार के चुनाव में एक और बदलाव किया गया है. आम तौर पर चुनाव प्रचार वोटिंग वाले दिन से 48 घंटे पहले ही थम जाता है, लेकिन अबकी बार चुनाव प्रचार को 72 घंटे पहले ही बंद करने का फैसला किया गया है. सभी कैंडिडेट्स 27 अक्टूबर शाम 6 बजे तक ही प्रचार कर पाएंगे. इसके बाद  इस 72 घंटे की अवधि में वह लोगों से व्यक्तिगत तौर पर मिल सकेंगे. 

ओपिनियन पोल या सर्वे पर लगा बैन

निर्वाचन आयोग द्वारा उप चुनाव को लेकर ओपिनियन पोल या इससे संबंधित किसी अन्य सर्वे आदि के परिणाम के प्रसारण व प्रकाशन पर  पाबंदी के आदेश जारी किए हैं. विभिन्न राज्यों के लोक सभा व विधान सभाओं के उपचुनाव के लिए पाबंदी के ये आदेश जन प्रतिनिधित्व अधिनियम,1951 की धारा 126के तहत जारी किए गए हैं. 

आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-126क की उपधारा(1) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए चुनाव के एग्जिट पोल के परिणाम के समाचार पत्रों व न्यूज चैनलों में प्रसारण व प्रकाशन पर पाबंदी लगा दी है. जारी निर्देशों के अनुसार 30 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम  7.30 बजे के बीच या अधिसूचित ऐसी अवधि के दौरान एग्जिट पोल की प्रक्रिया नहीं की जा सकेगी.

इस दौरान प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित किसी भी अन्य माध्यम से एग्जिट पोल के परिणाम का प्रकाशन व प्रसारण करने पर प्रतिबंध रहेगा.  उन्होंने बताया कि प्रतिबंध मतदान के लिए निर्धारित समय प्रारंभ होने से पहले दिन और मतदान समाप्त होने के आधे घंटे बाद तक जारी रहेगा. 

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