हरियाणा सीएम के उलट किसान आंदोलन के समर्थन में उतरी खाप पंचायतें,इस तरह देंगे आंदोलन में साथ

किसानों पर दर्ज केस तुरंत वापस लेने की मांग, केंद्र को नए कृषि कानून पर विचार करने की दी नसीहत

हरियाणा सीएम के उलट किसान आंदोलन के समर्थन में उतरी खाप पंचायतें,इस तरह देंगे आंदोलन में साथ
किसानों पर दर्ज केस तुरंत वापस लेने की मांग, केंद्र को नए कृषि कानून पर विचार करने की दी नसीहत

रोहतक/ विनोद लांबा : नए कृषि कानून के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को खाप पंचायतों ने समर्थन दे दिया है, रोहतक स्थित जाट भवन में लगभग तीस खाप प्रधान एकजुट हुए, बैठक में दादरी से विधायक और सांगवान खाप के प्रधान सोमबीर सांगवान भी मौजूद रहे। 

सोमबीर सांगवान ने बताया कि मीटिंग में सभी खाप प्रधानों ने सर्वसम्मति से आंदोलन का समर्थन करने का फैसला लिया है। सोमवार को फिर से बैठक करने के बाद दिल्ली कूच करेंगे, सोमबीर सांगवान ने किसान आंदोलन को लेकर सीएम मनोहर लाल और कृषि मंत्री जेपी दलाल के बयान की निंदा करते हुए किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापिस लेने की मांग की, साथ ही कहा कि केंद्र सरकार को किसानों से बातचीत करनी चाहिए। खाप प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री मोदी से तीनों कृषि कानूनों पर फिर से विचार करने की मांग की है

हरियाणा के किसानों को लेकर सीएम मनोहर लाल ने दिया था बयान

दरअसल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा था कि किसान आंदोलन में हरियाणा का किसान शामिल नहीं है, इसके लिए हरियाणा के किसानों का आभार जताया था। सीएम मनोहर लाल ने कहा था कि किसान आंदोलन पूरी तरह पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से प्रायोजित है। हालांकि सीएम मनोहर लाल के बयान के बाद सोशल मीडिया पर किसानों के वीडियो अपलोड करने का सिलसिला शुरु हो गया था जिसमें हरियाणा के किसानों ने आंदोलन में शामिल होने का दावा किया।

 इस बीच किसानों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बातचीत के न्योते को भी ठुकरा दिया, किसान जत्थेबंदियों का आरोप है कि केंद्र ने बातचीत के लिए शर्त रख दी है इसलिए बातचीत नहीं करेंगे, साथ ही बुराड़ी ग्राउंड जाने से भी इनकार कर दिया है। उधर दूसरे राज्यों से भी किसानों के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है जिससे किसान आंदोलन ओर ज्यादा मजबूत होने लगा है