'लंबे समय से चुप थे पंडित रामस्वरूप शर्मा', इस मंत्री ने बताई वजह

हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद रामस्वरूप शर्मा की दिल्ली में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। दिल्ली में सरकारी निवास पर उनका शव फंदे से लटका मिला है। उनके निधन के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।

'लंबे समय से चुप थे पंडित रामस्वरूप शर्मा', इस मंत्री ने बताई वजह
हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद रामस्वरूप शर्मा की दिल्ली में संदिग्ध हालत में मौत हो गई।

शिमला : लंबे समय तक हिमाचल की राजनीति में अपना अहम योगदान देने वाले पंडित रामस्वरूप शर्मा लगातार 2 बार  लोकसभा के सांसद चुने गए थे। पिछले लंबे समय से पंडित रामस्वरूप शर्मा का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं था, सुबह दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनका फंदे से लटका हुआ शव बरामद किया गया है। उनके निधन के बाद से हर कोई शोक स्तब्ध है। पीएम मोदी से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक हर कोई उनके निधन पर शोक व्यक्त कर रहा है।

पार्टी और प्रदेश को बड़ा घाटा-CM जयराम

वहीं, हिमाचल के मुख्यमंत्री सीएम जयराम ठाकुर ने मंडी सांसद पंडित रामस्वरुप शर्मा के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनके जाने से पार्टी और प्रदेश को घाटा हुआ है। रामस्वरूप शर्मा की आत्महत्या को लेकर मंत्री सुरेश भारद्वाज का भी बयान सामने आया है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि बड़ी विचित्र बात है, ये यकीन नहीं होता कि वो ऐसा कर सकतें है। जिस तरह का व्यक्तित्व था लगता नहीं कि आत्महत्या कर सकते हैं।  लेकिन पिछले कुछ समय से वो चुप चुप रहते थे हमें लगता था कि कार्डियक बीमारी की वजह से ऐसा है लेकिन जो इश्वर को जो मंजूर वही हुआ।

रामस्वरूप शर्मा के निधन पर शोक की लहर

पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम जयराम ठाकुर ने सांसद रामस्वरुप शर्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं सांसद की मौत के मद्देनजर बीजेपी संसदीय दल की बैठक रद्द कर दी गई। लोकसभा की कार्यवाही को भी स्थगित किया गया, वहीं हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही को भी शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित कर दिया गया।

PM मोदी ने ट्वीट करके जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके राम स्वरूप शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा -' राम स्वरूप शर्मा जी के आकस्मिक निधन से अत्यंत व्यथित हूं. मैं दुःख की इस घड़ी में उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं'।

अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

अमित शाह ने भी ट्वीट कर रामस्वरूप को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने लिखा है, ''हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद राम स्वरूप शर्मा जी के आकस्मिक निधन से अत्यंत व्यथित हूं. मैं दुःख की इस घड़ी में उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं'।

'सांसद रामस्वरूप का निधन प्रदेश के लिए क्षति'

कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने भी सांसद रामस्वरुप के निधन को प्रदेश के लिए क्षति बताया है। आशा कुमारी ने कहा कि पंडित रामस्वरुप बेहद सरल व्यक्तित्व के व्यक्ति थे। वहीं कैबिनेट मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पंडित रामस्वरुप शर्मा एक मित्र की तरह व्यवहार करते थे और उनसे चुनाव और पार्टी संगठन के बारे में काफी कुछ सीखने को मिला।

पंडित रामस्वरूप का सियासी सफर

पंडित रामस्वरूप के सफर की बात करें तो 10 जून 1958 को  पंडित रामस्वरुप शर्मा का जन्म हुआ था। रामस्वरूप शर्मा हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर निवासी थे। रामस्वरूप शर्मा RSS के सक्रिय सदस्य रहे थे।  हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य और नगर निगम के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया.  12 सितंबर 2014 को वह विदेश मामलों पर स्थायी समिति के सदस्य भी चुने गए थे. साल 2014 में  कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को शिकस्त दी थी और लोकसभा सीट जीती थी. तो वहीं, 2019 में पूर्व केंद्रीय मंत्री पं.सुखराम के पोते आश्रय शर्मा को हराकर फिर से लोकसभा सीट जीती थी।  पंडित रामस्वरूप शर्मा की 62 साल की उम्र में मौत हो गई।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस को सुबह रामस्वरूप शर्मा के किसी कर्मचारी की ओर से फोन करके बताया गया था कि सांसद के कमरे का दरवाजा बंद है। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर देखा जहां अंदर सांसद रामस्वरूप शर्मा का शव फंदे से लटका हुआ था। अभी तक किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है।