पिता के बताये रास्ते पर चला और 23 बेटियों का पिता बन गया पूर्व हॉकी खिलाड़ी,पढ़े पूरी खबर

महिला सशक्तिकरण की बात करने वाले यह खबर ज़रूर पढ़ें, और प्रेरणा लें  

पिता के बताये रास्ते पर चला और 23 बेटियों का पिता बन गया पूर्व हॉकी खिलाड़ी,पढ़े पूरी खबर
फाइल फोटो

रोहतक: महिला सशक्तिकरण की बात करने वालों को यह खबर ज़रूर पढ़नी चाहिये। आज के वक्त में जहां लोग अपनी ही बेटियों को कोख में मारने का पाप कर रहे हैं, वहीं पूर्व हॉकी खिलाड़ी अजीत नांदल ने एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। भारतीय हॉकी टीम के प्लेयर रहे रोहतक की अजीत नांदल 22  ऐसी बेटियों की मदद के लिये हाथ बढ़ाया है, जो कुछ करना चाहती हैं, लेकिन परिवार के कमजोर आर्थिक हालात से आगे नहीं बढ़ पा रही। ऐसी 22 बेटियों को अजीत नांदल घुड़सवारी सिखा रहे हैं। इतना ही नहीं उनकी पढ़ाई का भी खर्च अजीत नांदल ही उठा रहे हैं।

पिता के बताये रास्ते पर चले अजीत और बन गये 23 बेटियों के पिता

अजीत का कहना है, कि उन्हें यह सब करके काफी अच्छा लगता है। अजीत नांदल भारतीय हॉकी टीम के प्लेयर थे और जब हॉकी छोड़ा तो उनके पिता ने पूछा कि बेटा आगे क्या करोगे? उन्होंने अपने पिता से ही पूछ लिया कि पिताजी क्या करना चाहिए। पिता ने कहा कि अपने लिए तो सब करते हैं लेकिन दूसरों के लिए करने में ही असली खुशी है। इसलिए ऐसी बेटियों के लिए काम करें जो आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहीं।

अजीत अपने पिता की सीख पर आगे बढ़े और अपने आसपास के गांव से ऐसी बेटियों को चुना जो कुछ कर दिखाना चाहती हैं लेकिन उनकी आर्थिक हालत काफी कमजोर है। अजीत ने ऐसी 23 बेटियों को गोद ले लिया और प्रण किया की आर्थिक कमजोरी इन बेटियों के पैरों में बेड़ियां नहीं डाल पायेंगी, और वह उनकी हर चाहत पूरी करेंगे।

हाथरस मामले पर भी बोले अजीत
अजीत ने कहा कि उन्होंने 22  बेटियों को गोद लिया है और उनकी खुद की एक बेटी है, इसलिए अब वह 23 बेटियों के पिता हैं। बेटियों को अच्छे मुकाम तक पहुंचाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उनकी बेटियां घुड़सवारी करती हैं। पढ़ाई के क्षेत्र में भी काफी आगे उनकी बेटियां जा रही है। अजीत का कहना है, कि हाथरस जैसी घटनाओं को सुनकर उन्हें बड़ा दुख होता है और ऐसे लोगों को तो फांसी की सजा दी ही जानी चाहिए।

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