Tokyo Olympic: पहले ही मैच में हारीं भारतीय पहलवान सोनम मलिक, अब करिश्मे की उम्मीद

हरियाणा की युवा पहलवान सोनम मलिक को मंगलवार को टोक्यो ओलंपिक के महिला 62 किग्रा वर्ग के पहले राउंड के मुकाबले में ही मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखू के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा.  शुरुआती डेढ़ मिनट में दोनों खिलाड़ी एक दूसरे को परखती रहीं और उन्होंने कोई बड़ा दांव नहीं लगाया.

Tokyo Olympic: पहले ही मैच में हारीं भारतीय पहलवान सोनम मलिक, अब करिश्मे की उम्मीद
भारतीय पहलवान पहलवान सोनम मलिक को अब इंतजार करना होगा कि उन्हें रेपेचेज दौर में हिस्सा लेने का मौका मिलता है या नहीं.

टोक्यो : हरियाणा की युवा पहलवान सोनम मलिक को मंगलवार को टोक्यो ओलंपिक के महिला 62 किग्रा वर्ग के पहले राउंड के मुकाबले में ही मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखू के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. 

शुरुआती डेढ़ मिनट में दोनों खिलाड़ी एक दूसरे को परखती रहीं और उन्होंने कोई बड़ा दांव नहीं लगाया. सोनम ने इसके बाद पुश-आउट अंक के साथ 1-0 की बढ़त बनाई और इसे तीन मिनट के पहले दौर के अंत तक बरकरार रखा.

सोनम ने दूसरे दौर में एक और पुश-आउट अंक के साथ 2-0 की बढ़त बना ली. 

19 साल की सोनम दो 'पुश-आउट अंक जुटाकर 2-0 से आगे चल रही थीं, लेकिन एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता खुरेलखू ने भारतीय पहलवान को गिराकर दो अंक हासिल करते हुए बराबरी हासिल कर ली, जबकि मुकाबले में सिर्फ 35 सेकेंड का खेल बचा था. इसके बाद अंत तक स्कोर 2-2 रहा, लेकिन मंगोलिया की पहलवान को अंतिम अंक जुटाने के कारण विजेता घोषित किया गया. 

अभी मिल सकता है मौका 

ओलंपिक में डेब्यू कर रही सोनम को अब इंतजार करना होगा कि उन्हें रेपेचेज दौर में हिस्सा लेने का मौका मिलता है या नहीं. दो बार की कैडेट विश्व चैंपियन (2017, 2019) सोनम ने अप्रैल में अल्माटी में एशियाई क्वालीफायर के फाइनल में जगह बनाकर टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई किया था. मंगोलिया की पहलवान अगर फाइनल में जगह बनाती है तो सोनम को रेपेचेज दौर के जरिए कांस्य पदक जीतने का मौका मिलेगा.

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साक्षी ने रचा था इतिहास 

रियो ओलंपिक में भारत की साक्षी मलिक अपना क्वार्टर फाइनल मैच हार गईं थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला था. क्वार्टर फाइनल में रूस की फाइनलिस्ट वेलेरिया कोब्लोवा से हारने के बाद उन्होंने रेपेचेज राउंड के लिए क्वालीफाई किया.रेपेचेज राउंड में उन्होंने अपने पहले मुकाबले में मंगोलिया के पुरेवदोर्जिन ओरखोन को हराया.

उन्होंने रेपेचेज मेडल प्लेऑफ में एक चरण में 0-5 से पिछड़ने के बावजूद, किर्गिस्तान के मौजूदा एशियाई चैंपियन ऐसुलु टाइनीबेकोवा पर 8-5 की जीत के बाद कांस्य पदक जीता और ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनी थीं.