)
US Mosque Shooting: अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया स्थित सैन डिएगो में दो नाबालिग हमलावरों ने एक मस्जिद पर हमला किया है. इस हमले में सुरक्षाकर्मी समेत तीन लोगों की मौत हो गई. हमलावरों ने 'इस्लामिक सेंटर ऑफ़ सैन डिएगो' मस्जिद को निशाना बनाया. हमले को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावरों ने मस्जिद से थोड़ी ही दूरी पर खड़ी एक कार के भीतर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के मुताबिक, दोनों हमलावरों ने हमला करने के लिए अपने ही घरों से हथियार चुराए थे. सैन डिएगो के पुलिस प्रमुख स्कॉट वाहल ने बताया कि हमलावरों ने एक सोची-समझी साज़िश के तहत इस अपराध को अंजाम दिया. पुलिस के मुताबिक, हमलावरों की उम्र 17 और 19 साल थी.
4 मिनट में हो गई थी 3 लोगों की मौत
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हमले की जानकारी मिलने के चार मिनट के भीतर ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई थी. हालांकि, तब तक तीन लोग अपनी जान गंवा चुके थे. इस बीच, मस्जिद के अंदर तबाही मचाने के बाद दोनों हमलावर घटनास्थल से भाग निकले. रास्ते में उन्होंने एक और व्यक्ति को गोली मारी और फिर अपनी कार के अंदर ही आत्महत्या कर ली. पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि दोनों हमलावरों में से कोई भी पुलिस की गोलीबारी में नहीं मारा गया.
हमलावर की मां ने पुलिस को किया फोन
कैलिफ़ोर्निया पुलिस ने बताया कि 17 साल के शूटर की मां ने हमले से ठीक दो घंटे पहले पुलिस को फ़ोन किया था. घबराहट में मां ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा आत्महत्या करने की सोच रहा था और हथियार लेकर घर से भाग गया था. इसके बाद पुलिस को उस स्कूल में तैनात किया गया जहां वह पढ़ता था. लेकिन, तब तक शूटर मस्जिद की ओर निकल चुका था.
हमले के बाद ट्रंप ने क्या कहा?
इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हैरानी जताई है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "यह एक बेहद भयानक स्थिति है. मुझे इस पर शुरुआती अपडेट्स मिले हैं, लेकिन हम इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से देखने वाले हैं." वहीं, कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर ने कहा है कि नफ़रत के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, "दुनिया में कहीं भी पूजा करने वालों को अपनी जान का डर नहीं होना चाहिए. कैलिफ़ोर्निया में नफ़रत के लिए कोई जगह नहीं है. हम सैन डिएगो के मुस्लिम समुदाय के साथ खड़े हैं."