)
Uttar Pradesh News Today: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को लंबे समय से जिसकी तलाश थी, उसका पीछा आखिरकार अंबेडकरनगर में जाकर खत्म हुआ. नोएडा यूनिट की स्पेशल फोर्स ने एक लाख रुपये के इनामी डकैत आसिफ उर्फ विक्की को मुठभेड़ में मार गिराया.
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हुए आसिफ को फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. आसिफ के खिलाफ डकैती, कत्ल, किडनैपिंग और लूट समेत 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे और उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली की पुलिस भी उसकी तलाश कर रही थी.
मिली जानकारी के मुताबिक, स्पेशल फोर्स की नोएडा यूनिट को आसिफ उर्फ विक्की के अंबेडकरनगर के बवाना इलाके में होने की खबर मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की. पुलिस का कहना है कि ख़ुद को चारों तरफ से घिरा देख आसिफ ने हथियार डालने के बजाय पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें आसिफ घायल हो गया.
गोली लगने के बाद पुलिस उसे घायल हालत में अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस तरह कई सालों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा एक बड़ा इनामी बदमाश मुठभेड़ में मारा गया.
प्रदेश के एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने बताया कि मारे गए बदमाश की पहचान कानपुर नगर जिले के बिल्हौर थाना क्षेत्र के माकनपुर गांव के रहने वाले आसिफ उर्फ विक्की के रूप में हुई है. उन्होंने कहा कि आसिफ लंबे समय से फरार था और कई संगीन मुकदमों में पुलिस को उसकी तलाश थी.
पुलिस के मुताबिक, आसिफ ने अपनी पहली कत्ल कानपुर में की थी. बाद में उसने बाराबंकी को अपना ठिकाना बना लिया था. हालांकि, वह लगातार अपनी मौजूदगी की जगह बदलता रहता था, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके. उसका आपराधिक जाल सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली तक फैला हुआ था.
आसिफ उर्फ विक्की का नाम साल 2014 में जौनपुर के शाहगंज इलाके में हुई चर्चित डकैती और डबल मर्डर में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था. पुलिस के मुताबिक, उस वारदात में बदमाशों ने एक परिवार को घर के अंदर बंधक बना लिया था और लूटपाट की थी. विरोध करने पर परिवार के पांच लोगों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था. इस हमले में घायल हुई दो महिलाओं की बाद में मौत हो गई थी.
इसके अलावा उसका नाम साल 2013 के सुल्तानपुर डकैती और हत्याकांड, साल 2015 के कौशांबी डकैती और डबल मर्डर, उसी साल मुजफ्फरनगर में हुई कई डकैतियों और साल 2021 में कानपुर देहात में हुए एक कत्ल के मामले में भी सामने आया था.
एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि आसिफ उर्फ विक्की का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा था. उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी उसके खिलाफ संगीन जुर्म के 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे. कई सालों तक वह पुलिस को चकमा देता रहा और बाराबंकी को अपना ठिकाना बनाकर वहीं से अपनी सरगर्मियां चलाता था, जबकि समय-समय पर अपना ठिकाना बदलता रहता था.
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आसिफ के पास से 32 बोर की एक पिस्तौल, 12 बोर की एक देसी बंदूक, बड़ी तादाद में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. पुलिस ने इन सभी सामानों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.