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Rajkot News Today: गुजरात के राजकोट में अल-कायदा का प्रचार करने के आरोप में गिरफ्तार तीन नौजवनों को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है. सेशन कोर्ट ने इन तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है. इसके अलावा कोर्ट ने उन्हें अंतिम सांस तक कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक, इन तीनों नौजवानों की पहचान अमन सिराज मलिक (23), अब्दुल शकूर अली शेख (20) और सैफ नवाज अबू शाहिद (23) के रूप में हुई है. यह तीनों राजकोट के सोनी बाजार इलाके में मजदूरी करते थे. जांच में सामने आया कि मजदूरी के साथ-साथ वह एक मस्जिद से देश-विरोधी प्रचार प्रसार का काम भी करते थे. इसके लिए तीनों दोषी व्हाट्सएप के जरिए संदिग्ध साहित्य का इस्तेमाल कर रहे थे और लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे.
ATS को मिली खास जानकारी
गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) को इस गतिविधि के बारे में खास खुफिया जानकारी मिली थी. इस सूचना के आधार पर अहमदाबाद एटीएस के एक डीएसपी को राजकोट भेजा गया. जांच के दौरान 31 जुलाई 2023 को तीनों नौजवानों के बारे में अहम जानकारी हासिल हुई. इसके बाद एटीएस ने कार्रवाई की और अब्दुल शकूर अली शेख, अमन सिराज मलिक को राजकोट रेलवे स्टेशन के पार्सल ऑफिस से गिरफ्तार कर लिया.
ATS के जरिये गिरफ्तारी की प्रक्रिया दो पंचों की मौजूदगी में पूरी की गई. इसके बाद उनका तीसरा साथी सैफ नवाज अबू शाहिद भी पकड़ा गया. ATS के जरिये की गई जांच और अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी माना गया. अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इनकी गतिविधियां देश की सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा थीं. इसी वजह से उन्हें मौत की सजा और कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है.