Uttar Pradesh News: ये मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच का है, जहाँ एक मस्जिद के स्टाफ के जरिये मस्जिद में नमाज़ पढने आये एक बच्चे के साथ रेप करने के इलज़ाम में उसे 20 साल और 20 हज़ार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गयी है.
Trending Photos
)
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की एक स्पेशल कोर्ट ने 7 साल के लड़के से कुकर्म के मुल्जिम शख्स को सोमवार को कसूरवार करार दिया और उसे 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.
जिला शासकीय अधिवक्ता (पॉक्सो एक्ट) संत प्रताप सिंह ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अदालत) दीप कांत मणि ने मस्जिद कर्मचारी मोहम्मद जमाल को 20 साल की जेल और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. सिंह के मुताबिक, जुर्माने की रकम अदा न करने पर मुजरिम को छह महीने के इज़ाफ़ी कैद की सजा भुगतनी होगी. उन्होंने बताया कि जुर्माने की पूरी रकम पीड़ित बच्चे और उसके परिवार को दी जाएगी.
गौरतलब है कि नगर कोतवाली इलाके के एक शख्स ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि 17 अप्रैल 2016 की शाम करीब सात बजे उसका सात साल का बेटा काजीपुरा मोहल्ले की एक मस्जिद से नमाज पढ़कर निकल रहा था, तभी उसी मस्जिद में काम करने वाला और वहीं रहने वाला 36 वर्षीय एक मुलाजिम मोहम्मद जमाल बच्चे को जबरन रोक लिया. वह बच्चे को जबरदस्ती घसीटकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ कुकर्म किया.
बच्चा रोता-चिल्लाता घर पहुँचने के बाद पूरी घटना अपने पिता को बताया. पीड़ित बच्चे के पिता की तहरीर पर 18 अप्रैल 2016 को कोतवाली नगर थाने में मोहम्मद जमाल के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने इस मामले की जांच कर दो महीने बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसके बाद इस मुक़दमे में ट्रायल चला और लगभग 8 साल बाद मुलजिम को दोषी मानते हुए अदालत ने उसे 20 साल की कैद की सजा सुनाई है.