)
West Bengal Murder Case: पश्चिम बंगाल के मालदा में सियासी रंजिश और दबंगई की एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. जुल्म और बर्बरता की हदें पार करते हुए एक बेकसूर बुजुर्ग को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके के आवाम में खौफ और गुस्सा साफ देखा जा सकता है. सत्ता के नशे में चूर दबंगों ने बुजुर्ग पर जिस बेरहमी से हमला किया, वह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
घात लगाकर साबिक ग्राम प्रधान ने घात लगाकर किया हमला
मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बुजुर्ग इसराफिल शेख अपने बकरी फार्म से रोजाना की तरह सारे काम से फारिग होकर घर वापस लौट रहे थे. उन्हें इस बात का जरा भी गुमान नहीं था कि रास्ते में मौत का साया उनका इंतजार कर रहा है. जैसे ही वह सुजापुर (कालियाचक) के पास पहुंचे, इसी दौरान साबिक ग्राम पंचायत प्रधान व मुकामी तृणमूल कांग्रेस नेता आरिफ अली अपने 7 दीगर साथियों के साथ घात लगाकर उन पर टूट पड़ा.
तेजधार हथियार से वार, दायां हाथ और कान काटा
हमलावरों ने इसराफिल शेख को घेरकर तेजधार हथियारों से लगातार वार करने शुरू कर दिए. हमले की शिद्दत इतनी ज्यादा थी कि बुजुर्ग का दायां हाथ और कान कटकर अलग हो गया. शरीर के कई अन्य हिस्सों पर भी जानलेवा जख्म दिए गए. सिरफिरे मुजरिम इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने बुजुर्ग को निशाना बनाकर दो राउंड गोलियां भी दागीं. खून से लथपथ बुजुर्ग को मरणासन्न हालत में छोड़कर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए.
मुतास्सिर परिवार की आपबीती और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस और पीड़ित परिवार के जराये से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे खूनी खेल में तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता समेत कुल 8 लोग शामिल हैं. पीड़ित बुजुर्ग के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे मुल्जिमों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं. घटना की इत्तला मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है.