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नई दिल्ली: मशहूर गुलूकारा आशा भौसले का आज यौमे पैदाईश है. आज ही के दिन 1933 को आशा ताई का जन्म हुआ था. आज उनके यौमे पैदाइश पर हम आपको उनकी प्रेम कहानी के बारे में बताते हैं. दरअसल आर डी बर्मन (पंचम दा) और आशा भोसले दोनों की ही पहली शादी टूट चुकी थी. आरडी बर्मन अपनी पहली बीवी रीता पटेल से अलग हो गए थे. वहीं आशा भोसले भी अपने शौहर गणपतराव भोसले से बिल्कुल खुश नहीं थीं. एक दिन ऐसा आया जब आशा भोसले अपने बच्चों के साथ अपनी बहन के घर चली गईं.
जानकारी के मुताबिक आरडी बर्मन और आशा भोसले की पहली मुलाकात 1956 में हुई थी. आरडी बर्मन मशहूर मौसीकार सचिन देव बर्मन के बेटे थे. एक दौरा ऐसा भी आया था जब आशा भौसले ने सचिन देव बर्मन के साथ बहुत काम किया था. इसके लिए आशा भौसले का अक्सर स्टूडियो में आना जाना रहता था. उसी स्टूडियो में सचिन देव बर्मन के बेटे आरडी बर्मन भी आ जाया करते थे.
आरडी बर्मन आशा भौसले की आवाज़ से काफी मुतास्सिर थे और उन्हें पसंद भी करने लगे थे. उन्होंने डरते-डरते एक दिन आशा भौसले से ऑटोग्राफ भी मांगा था. जिसके बाद से अब लगभग रोज़ ही स्टूडियो में आ जाया करते थे और छुप-छुपकर आशा भौसले को देखा करते थे. उनकी यह हरकत आशा भौसले को बहुत बुरी लगती थी और इसी वजह से आशा भौसले ने उन्हें इस बात के लिए डांट भी दिया था. आशा भौसले ने कहा था कि क्या स्टूडियो के चक्कर में लगे रहते हो, अपनी पढ़ाई जारी रखो और कामयाब इंसान बनो.
लता मंगेशकर की इस बात आरडी बर्मन ने कहा कि नहीं, मैं मौसीकार बनूंगा और मैंने पढ़ाई छोड़ दी है. बर्मन अक्सर आशा जी से कहते थे कि आपकी आवाज़ सुनकर कौन ऐसा होगा जो आपसे मोहब्बत न करे. आशा जी उस वक्त ये बात सुनकर काफी हंसा करती थी लेकिन उन्हें क्या पता था कि ज़िंदगी उन्हें ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देगी कि आरडी बर्मन से ही उनकी शादी हो जाएगी.
आरडी बर्मन और आशा भोसले की शादी का रास्ता इतना भी आसान नहीं था. आशा की उम्र आरडी बर्मन से छह साल ज्यादा थी जिस वजह से उनकी मां इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं. जब पंचम ने अपनी मां से शादी की इजाज़त मांगी तो उन्होंने साफ मना कर दिया. शादी के लिए आरडी बर्मन को लंबा इंतजार करना पड़ा.
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