ट्रस्ट के सेक्रेटरी अतहर हुसैन ने पिछले दिनों बताया गणतंत्र दिवस के दिन सुबह 8:30 बजे मस्जिद की जमीन पर झंडा फहराया जाएगा.
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लखनऊ: अयोध्या के धन्नीपुर (Dhannipur) में बनने वाली मस्जिद का संगे बुनियाद आज यानी 26 जनवरी को रखा जाएगा. 26 जनवरी के खास मौके पर झंडारोहण और पौधरोपण के बाद मस्जिद की तामीर का आगाज़ किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के हुक्म के बाद मिली इस 5 एकड़ जमीन में मस्जिद के अलावा अस्पताल, कम्युनिटी किचन, लाइब्रेरी वगैरह बनेंगे. जिनके पिछले दिनों ही ट्रस्ट ने नक्शे पेश किए थे.
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20 मीटर गहराई तक खुदाई कर लिए गए मिट्टी के नमूने
संगे बुनियाद से पहले मिट्टी की जांच हुई और 20 मीटर गहराई तक मिट्टी के लिए गए नमूने लिए गए. मिट्टी की भार वाहन क्षमता, साल्ट, नमी समेत तमाम तकनीकों का होगा टेस्ट लिया जाएगा और तमाम बिंदुओं पर प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद फाउंडेशन का काम शुरू होगा.
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मस्जिद के लिए बनाए गए ट्रस्ट (इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन) के सेक्रेटरी अतहर हुसैन ने पिछले दिनों बताया गणतंत्र दिवस के दिन सुबह 8:30 बजे मस्जिद की जमीन पर झंडा फहराया जाएगा. लैब से मिट्टी के नतीजे आने के बाद ट्रस्ट अयोध्या विकास प्राधिकरण में मस्जिद का नक्शा ऑफलाइन दाखिल करेगा. नक्शे को स्वीकृति मिलने और सॉइल टेस्टिंग की रिपोर्ट आने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
ट्रस्ट के सचिव अतर हुसैन ने बताया कि अभी ट्रस्ट में 9 सदस्य हैं. लेकिन आने वाले समय में ट्रस्ट के सदस्यों की संख्या 15 होगी. उन्होंने बताया कि मस्जिद के लिए बने ट्रस्ट में अयोध्या बाबरी मस्जिद प्रकरण से जुड़े पक्षकारों को भी आने वाले समय में जगह मिल सकती है. लेकिन इसके लिए उनको ट्रस्ट के अनुसार विकासवादी सोच रखनी होगी.
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उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के दिन 9 ट्रस्टी फलदार और छायादार वृक्ष लगाएंगे. आने वाले समय में पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए यहां पर ऑस्ट्रेलिया, अमेजन और विश्व के अन्य जगहों से ऑक्सीजन देने वाले पेड़ लाकर लगाए जाएंगे. ताकि देश में पर्यावरण संरक्षण का एक मैसेज देने की कोशिश की जा सकेगी.
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मस्जिद क्यों है खास
बता दें कि 5 एकड़ भूमि में जहां एक ओर मस्जिद बनायी जाएगी. वहीं, 200 बेड का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण भी किया जाएगा. इसके साथ ही इंडो इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर और एक बड़ा म्यूजियम बनाया जाएगा. इसके अलावा एक बड़ी लाइब्रेरी बनाई जाएगी. वहीं, कम्युनिटी किचन के तहत 1000 लोगों को फ्री खाना उपलब्ध हो इसकी भी व्यवस्था की जाएगी. ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन का कहना है कि धन्नीपुर गांव की तरफ जो सर्वे कराया गया है उसमें महिलाएं और बच्चियां कुपोषित मिली है इसलिए यहां प्रतिदिन पौष्टिक भोजन की व्यवस्था करायी जाएगी.
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ज़फरयाब जिलानी ने बताया शरियत के खिलाफ
इससे पहले ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के मेंबर और बाबरी मस्जिद के कनवीनर रहे ज़फरयाब जिलानी ने पिछले दिनों इस मस्जिद को शरियत के खिलाफ बताया था. उन्होंने कहा, "वक्फ अधिनियम के तहत मस्जिद या मस्जिद की ज़मीन किसी दूसरी चीज़ के बदले में नहीं ली जा सकती. अयोध्या में प्रस्तावित मस्जिद इस कानून का उल्लंघन करती है. यह शरियत कानून का उल्लंघन करती है क्योंकि वक्फ अधिनियम शरीयत पर आधारित है."
एक अन्य मेंबर ने कहा,"हमनें मस्जिद के लिए किसी और जगह पर जमीन के प्रपोज़ल को खारिज किया था. क्योंकि हम मालिकाना हक का केस हार गए. इसलिये हमें मस्जिद के लिए जमीन नहीं चाहिए." इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड सरकार के दबाव में काम कर रहा है.
इकबाल अंसारी ने उठाए डिजाइन पर सवाल
बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने भी कहा कि धन्नीपुर में हिंदुस्तान की तरह मस्जिद बननी चाहिए, विदेशी नक्शा मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्होंने 70 साल तक बाबरी के लिए केस लड़ा लेकिन अब पैसे वाले लोग आगे आ गए हैं और मस्जिद का डिजाइन बनवा रहे हैं. उन्होंने कहा भारत में जिस तरह की मस्जिदें होती हैं, ऐसी ही धन्नीपुर में बननी चाहिए.
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