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Lata Mangeshkar and Pundit Jawahar Lal Nehru: रविवार (6 फरवरी) को लता मंगेशकर का निधन हो गया. उनके निधन पर देश विदेश के तमाम लोग गमजदह हैं. लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. लता मंगेशकर का इस दुनिया से जाना एक अपूर्णीय क्षति है. आज हम इस मौके पर बताएंगे उनसे जुड़ी एक दिलचस्प कहानी.
दरअसल यह कहानी भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से जुड़ी है. लता मंगेशकर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 1963 में जब उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की मौजूदगी में देश का सबसे जीवंत गाना 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाया था, तब नेहरू जी की आंखों से आंसू निकल आए थे. यह गाना आज भी बहुत मशहूर है. भारत में आज भी जब गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है तो इस गाने को खूब बजाता जाता है.
ख्याल रहे कि लता जी ने 1948 से लेकर 1989 तक 30 हजार से भी ज्यादा गाने गाए. लता जी की पैदाइश 28 सितंबर 1929 को इंदौर के मराठी परिवार में पंडित दीनदयाल मंगेशकर के घर हुई थी. लता जी को संगीत विरासत में मिला. लता जी के पिता रंगमंच के एक कलाकार और गायक भी थे.
लता मंगेशकर को भारतीय संगीत में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए 1969 में पद्मविभूषण, 1989 में दादा साहब फाल्के अवॉर्ड, 1999 में महाराष्ट्र भूषण अवॉर्ड, 2001 में भारतरत्न से नवाजा गया. 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड, 12 बंगाल फिल्म पत्रक अवॉर्ड और 1993 में फिल्म फेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड समेत कई सारे पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है.
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