Bollywood News: टीवी एक्ट्रेस Hina Khan ने कैंसर और कीमोथेरेपी के दौरान झेले शारीरिक-मानसिक दर्द को खुलकर साझा किया. उन्होंने बताया कि इलाज के कठिन दौर में नसों का दर्द, धीमी रिकवरी और भावनात्मक संघर्ष रहे, लेकिन सकारात्मक सोच और खुद के साथ समय बिताकर उन्होंने खुद को संभाला.
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कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझना सिर्फ शरीर की परीक्षा नहीं होती, यह इंसान की हिम्मत, धैर्य और मानसिक मजबूती की भी कड़ी परीक्षा लेता है. टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस हिना खान (Hina Khan) ने इस परीक्षा को बेहद करीब से जिया है. वह अपनी कैंसर जर्नी को लेकर कभी चुप नहीं रहीं.
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हिना का मानना है कि अगर उनके अनुभव दूसरों को इस बीमारी की गंभीरता समझाने और जागरूक करने में मदद कर सकते हैं, तो उस दर्द को साझा करना जरूरी है.कीमोथेरेपी के दौरान हिना खान को न सिर्फ शारीरिक बल्कि भावनात्मक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा. उन्होंने कई बार स्वीकार किया है कि यह दौर उनके लिए आसान नहीं था और खुद को संभालना सबसे कठिन काम बन गया था.
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हिना खान ने लंबे समय तक इलाज के उस दर्दनाक सफर को सहा है. इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने जज्बात जाहिर किए और खुलकर बताया कि वह किस हालात से गुजर रही हैं. हाल ही में सोहा अली खान के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने उस दौर की यादें शेयर कीं. हिना ने बताया कि उनके लिए वह समय बेहद कठिन था.
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हिना ने कहा कि जिंदगी में कुछ दिन ऐसे होते हैं जिन्हें इंसान कभी भूल नहीं सकता और कीमोथेरेपी का वह दौर उन्हीं में से एक था. उन्होंने समझाया कि आमतौर पर मरीजों को पहली और दूसरी कीमोथेरेपी के बीच एक तय अंतराल दिया जाता है. कुछ लोगों के लिए यह गैप एक हफ्ते का होता है, जबकि कई मामलों में यह तीन हफ्तों का होता है.
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हिना के इलाज में भी तीन हफ्तों का अंतर रखा गया था और इसी गैप के बाद उनकी दूसरी कीमोथेरेपी हुई. हिना खान ने बताया कि कीमोथेरेपी इंसान को ऐसी चीजें महसूस कराती है, जिनके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं होता. दर्द बार-बार लौटता है और शरीर की रिकवरी बेहद धीमी हो जाती है. उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें कीमोथेरेपी के साथ जीना सीखना पड़ा.
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हर तीन हफ्ते में होने वाले इस इलाज में पहला हफ्ता उनके लिए सबसे ज्यादा मुश्किल होता था. उस दौरान दर्द असहनीय हो जाता था. हिना ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा दर्द नसों में महसूस होता था और यह दर्द रुक-रुककर आता था. हालांकि, कीमोथेरेपी के बाद के अगले दो हफ्ते अपेक्षाकृत बेहतर गुजरते थे और उन्हीं दिनों में उन्हें थोड़ा सुकून मिलता था.
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इलाज के दौरान हिना खान ने खुद को संभालने का एक खास तरीका अपनाया. उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने खुद के साथ समय बिताया, ट्रैवल किया और वे सभी चीजें कीं, जो उन्हें खुशी देती थीं. पहले फेज का दर्द काफी इंटेंस था, इसलिए उन्होंने तय किया कि बाकी दिनों को बेहतर तरीके से जिया जाएगा.
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हिना के मुताबिक, जब उन्होंने अपने मन में यह ठान लिया कि वह दर्द के बावजूद खुद के लिए अच्छे पल बनाएंगी, तो उन्हें इलाज झेलने की ताकत मिली. यही सोच उन्हें ट्रीटमेंट के हर फेज में आगे बढ़ने में मदद करती रही.
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वर्कफ्रंट की बात करें तो हिना खान आखिरी बार रियलिटी शो पति पत्नी और पंगा में नजर आई थीं. इस शो में वह अपने पति रॉकी जायसवाल के साथ दिखाई दीं. शो को सोनाली बेंद्रे और मुनव्वर फारूकी ने होस्ट किया था, जबकि रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला इस शो के विजेता बने थे.
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