Actress Mandana Karimi on Iran Crisis: ईरान में मौजूदा सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने वाली एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने सुरक्षा वजहों से भारत छोड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं, जबकि पुलिस प्रशासन और सरकार से कोई समर्थन नहीं मिला. वह ईरान में राजशाही के समर्थन में अपनी आवाज उठाती रहेंगी.
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मशहूर मॉडल और एक्टर मंदाना करीमी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. हालिया दिनों अपने देश आयत उल्लाह अली खामेनेई सरकार का विरोध करते हुए उनकी कई तस्वीरें सामने आई थीं, इसमें वह ईरान में तानाशाही वापस लाने की मांग कर रही हैं. वहीं, अमेरिका इजरायल के संयुक्त के हमले के दौरान मंदाना करीमी ने भारत छोड़ने का ऐलान किया है.
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मंदाना करीमी ने NDTV से बातचीत में साफ कहा है कि वह सुरक्षा वजहों से देश छोड़ रही हैं. ईरान के मुद्दे पर लगातार मुखर रुख अपनाने और अली खामेनेई के नेतृत्व वाली व्यवस्था की आलोचना करने के बाद वह खुद को असुरक्षित और अलग-थलग महसूस कर रही हैं. इस दौरान जब उनसे सीधे पूछा कि क्या वह सच में भारत छोड़ने की योजना बना रही हैं, तो मंदाना ने जवाब दिया, "हां, मैं जा रही हूं, सुरक्षा वजहों से. जब तक मैं यहां से बाहर नहीं निकल जाती, तब तक मैं ज्यादा जानकारी शेयर नहीं कर सकती."
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मंदाना ने इशारों में बताया कि स्थिति गंभीर है, इसलिए वह फिलहाल विस्तार से कुछ नहीं बता सकती हैं. मंदाना करीमी लंबे समय से अपने सियासी विचार खुलकर रखती रही हैं. वह ईरान में मौजूदा शासन की आलोचना करती रही हैं और राजशाही के समर्थन में "जावेद शाह" जैसे नारे भी सार्वजनिक रूप से लगाती रही हैं. पिछले कई सालों से उन्होंने अपने मंच का इस्तेमाल ईरान की वास्तविक स्थिति पर बात करने, वहां की सरकार और अधिकारियों की आलोचना करने और अपने देश के लोगों के समर्थन में आवाज उठाने के लिए किया है.
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भारत छोड़ने के फैसले के पीछे की वजह बताते हुए मंदाना ने कहा, "भारत में रहकर ईरान का समर्थन करने का मेरा तरीका, सच्चाई पर खुलकर बोलना, अधिकारियों को चुनौती देना और हार न मानना समेत कई वजहें हैं. मेरी लड़ाई कई सालों से भारत में चल रही है. अब यह समझ में नहीं आता कि यहां रहना सही है." उनके मुताबिक उनकी लगातार सक्रियता और चुप न रहने की कीमत उन्हें चुकानी पड़ी है.
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जब मंदाना करीमी से पूछा गया कि क्या उन्हें भारत में जान से मारने की धमकियां मिली हैं, तो उन्होंने एक शब्द में जवाब दिया, "यह हमेशा होता है." यानी उनका दावा है कि उन्हें लगातार धमकियां मिलती रही हैं. यह उनके लिए एक गंभीर और चौंकाने वाला अनुभव रहा है. इस दौरान उन्हें किसी तरह का समर्थन मिला या नहीं, इस सवाल पर भी उनका जवाब साफ था. उन्होंने कहा, "नहीं. बिल्कुल नहीं. न दोस्तों से, न सरकार से और न ही मीडिया से. इसी वजह से अब यह जगह मुझे घर जैसी महसूस नहीं होती. यह मुश्किल रहा है."
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बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस मंदाना ने कहा कि "फिलहाल जो कुछ भी है, वह सब ईरान, जावेद शाह और मेरे लोगों के नाम है. अगर समर्थन न भी मिले, तो भी मैं यह सब फिर से करूंगी." उन्होंने कहा कि संस्थागत या व्यक्तिगत समर्थन न मिलने के बावजूद वह अपने रुख पर कायम हैं.
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इससे पहले बीते दिनों मंदाना ने फारसी में एक संदेश भी शेयर किया था, जिसमें लिखा था,"ईरान के खून की कसम, हम अंत तक खड़े हैं. यह आवाज खामोश नहीं होगी. यह रास्ता अधूरा नहीं रहेगा. हम इस शासन के जाने तक, आजादी तक, ईरान की वापसी तक, खड़े हैं."
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इसके साथ मंदाना करीमी ने एक और संदेश लिखा, "कैप्शन जरूरी नहीं है. बस इतना जान लो, मैं नहीं रुकूंगी. आखिरी सांस तक अपने लोगों के साथ रहूंगी. यह तब तक खत्म नहीं होगा जब तक हम सब आजाद नहीं हो जाते. मेरे लोग, मेरा देश, ईरान." मंदाना ने यह भी कहा कि भले ही उन्हें समर्थन न मिला हो, लेकिन वह अपने लोगों के लिए आवाज उठाना जारी रखेंगी, चाहे इसके लिए उन्हें अकेले ही क्यों न खड़ा होना पड़े.
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