India to Mecca by Walk: केरल के शिहाब के बाद अब अजमेर के साहिल खान हज के पाक सफर पैदल करेंगे. हज के सफर पर रवाना होने से पहले साहिल ने ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में पहुंचकर जियारत की और कामयाबी की दुआएं मांगी. अजमेर के रहने वाले साहिल खान, इससे पहले सात देशों का सफर कर चुके हैं.
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Ajmer News: अजमेर से एक अनोखी धार्मिक यात्रा की शुरुआत हुई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. राजस्थान के अजमेर शहर से 28 साल के साहिल खान हजारों किलोमीटर लंबे पैदल सफर पर सऊदी अरब के मक्का और मदीना के लिए रवाना हुए हैं. पैदल हज यात्रा के इस फैसले को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता और चर्चा का माहौल बना हुआ है.
साहिल खान ने अपनी यात्रा शुरू करने से पहले सबसे पहले अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचकर हजरत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैहि की बारगाह में हाजिरी दी और अपने सफर की कामयाबी के लिए दुआ मांगी. दरगाह में मौजूद खादिम सैय्यद सुल्तान चिश्ती उर्फ रोमी बाबा ने उनकी गुलपोशी की और दस्तारबंदी कर उन्हें रवाना किया. इस दौरान दरगाह परिसर में मौजूद लोगों ने भी साहिल खान को मुबारकबाद पेश की और उनके सफर की कामयाबी के लिए दुआएं कीं.
खाना-ए-काबा के दीदार के लिए पैदल निकले साहिल
अजमेर से पैदल हज के सफर पर निकलने वाले साहिल खान ने बताया कि वह अजमेर के ही रहने वाले हैं और इससे पहले सात देशों का सफर कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि वह पहले उमराह भी अदा कर चुके हैं और अब पैदल हज का इरादा लेकर मदीना शरीफ और खाना-ए-काबा के दीदार के लिए निकल चुके हैं. साहिल खान के मुताबिक, यह सफर सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि अकीदत और रुहानियत के अनुभव से जुड़ा हुआ है.
दरगाह के बाहर स्थानीय लोगों ने साहिल खान की हौसला अफजाई की और उन्हें मुबारकबाद देते हुए उनके लंबे सफर की कामयाबी की दुआ की. लोगों ने उनके इस फैसले को लेकर उत्साह दिखाया और पैदल हज यात्रा के जज्बे की सराहना की.
साहिल खान ने बताया कि कई सदियों पहले लोग इसी तरह पैदल हज यात्रा किया करते थे और वह उसी एहसास को महसूस करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि अकीदत और एहतराम के साथ हज की नीयत से उन्होंने यह कदम उठाया है. अपने यात्रा मार्ग के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वह सबसे पहले अजमेर से मुंबई तक पैदल जाएंगे. इसके बाद भारत से दुबई पहुंचेंगे और फिर वहां से आगे पैदल हज के लिए सऊदी अरब की ओर बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि इस दौरान वह अलग-अलग देशों से होकर गुजरेंगे.
केरल के शिहाब भी कर चुके हैं पैदल हज का सफर
बता दें, इससे पहले केरल के मलप्पुरम जिले के वलांचरी के रहने वाले शिहाब ने पैदल चलकर मक्का पहुंच कर पाक हज किया. उन्होंने अपने केरल से मक्का तक करीब 8,640 किलोमीटर की दूरी तय की, जिसमें उन्हें लगभग 370 दिन यानी एक साल से थोड़ा ज्यादा समय लगा. शिहाब ने 2 जून 2022 को हज करने के लिए सऊदी अरब की पैदल यात्रा शुरू की थी और इसी महीने मक्का पहुंच गए.
अपने इस लंबे सफर के दौरान शिहाब भारत से होते हुए पाकिस्तान, ईरान, इराक और कुवैत से गुजरते हुए सऊदी अरब पहुंचे. मई के दूसरे सप्ताह में उन्होंने कुवैत से सऊदी अरब की सीमा पार की. सऊदी अरब में प्रवेश करने के बाद वह पहले मदीना गए, जो इस्लाम का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है. मदीना में उन्होंने 21 दिन बिताए, जिसके बाद मक्का के लिए रवाना हुए. मदीना से मक्का तक 440 किलोमीटर की दूरी उन्होंने नौ दिनों में पैदल पूरी की. शिहाब ने हज की रस्में अपनी मां जैनबा के साथ केरल से मक्का पहुंचने के बाद अदा की.
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