शारुख खान न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में किसे तारीफ के मोहताज नहीं है.
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National Film Awards 2025: शारुख खान न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में किसे तारीफ के मोहताज नहीं है. "इतनी शिद्दत से मैंने तुम्हें पाने की कोशिश की है, कि हर जर्रे ने मुझे तुमसे मिलाने की साजिश की है..." शाहरुख खान की सुपर हिट फिल्म 'ओम शांति ओम' का यह डायलॉग अब उनके करियर पर बिल्कुल फिट बैठता है. 30 साल की लंबी मेहनत और बेहतरीन फिल्मों के बाद किंग खान को आखिरकार नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है और वो भी बेस्ट एक्टर के लिए.
बॉलीवुड के किंग खान के नाम से मशहूर शाहरुक को बेस्टर एक्टर का अवॉर्ड उनकी सुपरहिट फिल्म 'जवान' के लिए मिला है. शाहरुख खान की जवान फिल्म 7 सितंबर 2023 को रीलीज हुई थी. इसने वर्ल्ड वाइड 1,163.82 करोड़ की कमाई कर बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. वैसे तो शाहरुख की एक्टिंग लाजवाब है और पूरी दुनिया इसकी कायल है, लेकिन अब 'बेस्ट एक्टर' का अवार्ड मिलने से उनके फैंस में खुशी की लहर दौड़ गई है.
शुक्रवार (1 अगस्त) को 71वें 'नेशनल फिल्म अवार्ड्स' का ऐलान किया गया. इसमें शाहरुख खान को 'जवान' में दमदार डबल रोल और पावर-पैक्ड एक्टिंग के लिए बेस्ट एक्टर चुना गया. इसकी खबर मिलते ही दुनिया भर में फैले उनके फैंस खुशी से झूम उठे और कई जगहों पर जश्न मनाते दिखे. हालांकि, वह इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं कि 'जवान' में ही उन्होंने अब तक सबसे शानदार एक्टिंग की है.
कई फैंस ने कहा कि शाहरुख खान को यह पुरस्कार बहुत पहले मिल जाना चाहिए था, वो भी 'स्वदेस, चक दे इंडिया या माई नेम इज खान' जैसी फिल्मों के लिए. उन्होंने कहा कि यह फिल्में महज शाहरुख खान की शानदार और दमदार एक्टिंग की ही वजह से बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही हैं. एक यूजर ने लिखा "SRK 'चक दे' के लिए ऑस्कर के हकदार थे, लेकिन 'जवान' के लिए कमला पसंद अवॉर्ड के भी नहीं."
किंग खान के एक और फैन ने पोस्ट किया, "हां, SRK नेशनल अवार्ड डिजर्व करते थे, लेकिन 'जवान' इसके लायक नहीं थी. उन्होंने सुझाव दिया कि यह अवार्ड शाहरुख को 'स्वदेस' या 'माई नेम इज खान' के लिए मिलना चाहिए था. जिसमें उन्होंने अपनी एक्टिंग की शानदार छाप छोड़ी और इन फिल्मों को अमर बना दिया." उत्तराखंड के रहने वाले शाहरुख के एक फैंस गगन सिंह ने बताया कि साल 2019 के बाद से मैं फिल्में नहीं देखता. हालांकि, 2019 से पहले की किंग खान की मैंने सारी फिल्में देखीं, जिसमें उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी. वह इसके काफी पहले हकदार थे.
बता दें, शाहरुख खान की फिल्म 'स्वदेस' साल 2004 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में शाहरुख ने एक नासा वैज्ञानिक 'मोहन भार्गव' का किरदार निभाया था, जो भारत लौटकर एक गांव में बदलाव लाते हैं. इस फिल्म में भावुकता, देश प्रेम और भारत की वास्तविक परिदृश्य को जिस तरह से किंग खान ने रुपहले परदे पर अपनी एक्टिंग से उकेरा था, इसके बावजूद उनको इस फिल्म के लिए अवार्ड नहीं मिला. इसके उलट उस साल यह अवार्ड सैफ अली खान को उनकी फिल्म 'हम तुम' के लिए मिला था.
इसी तरह 'चक दे! इंडिया' 2007 में रिलीज हुई. इस फिल्म में शाहरुख ने कबीर खान का रोल किया था. एक बदनाम हॉकी कोच जो सम्मान के लिए लड़ता है, जिसे उसे पाकिस्तान के खिलाफ हार के बाद उसके मजहब की वजह से गद्दार कहकर ताना मारा जाता है. फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड तो मिला, लेकिन शाहरुख को नहीं. उस साल बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड'धूम 2' के लिए ऋतिक रोशन मिला था.
साल 2010 में रिलीज हुई 'माई नेम इज खान' ने लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी. इसमें बॉलीवुड के किंग ने एस्पर्जर सिंड्रोम से पीड़ित रिजवान खान का रोल निभाया था. फिल्म को दुनिया भर में सराहना मिली लेकिन भारत में नेशनल अवॉर्ड गया 'पा' के लिए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को.
साल 2023 में रिलीज 'जवान' में शाहरुख ने दोहरी भूमिका निभाई. एक दमदार एक्शन हीरो और एक भावुक पिता. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाए और शाहरुख की एनर्जी और इमोशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. यही वजह रही कि इस बार जूरी ने उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड देने का फैसला किया और उनकी एक्टिंग को नकार नहीं सके.
भले ही फैंस इस बात पर बंटे हों कि 'जवान' के लिए यह अवॉर्ड देना कितना सही था, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह सम्मान शाहरुख के तीन दशकों के बेहतरीन करियर और सिनेमा के प्रति उनके समर्पण की निशानी है. आखिरकार, देर से ही सही, अरबों लोगों के दिलों पर राज करने वाले SRK को वो मिला, जिसके वो सालों से हकदार थे. भारत सरकार का सर्वोच्च फिल्म सम्मान.