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अजमेरः बाॅलीवुड की फिल्मों में अक्सर भ्रष्ट पुलिस और खलनायक का चरित्र निभाने अदाकार अली खान (Actor Ali Khan) बुधवार को अजमेर दरगाह पहुंचे थे. उन्होंने यहां जी सलाम के साथ एक खास बातचीत में कई पहलुओं पर चर्चा की. चुनावी माहौल को लेकर उन्होंने कहा कि अभी पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के पहले राजनीतिक पार्टियां जिस तरह से अपने बयान दे रही है यह हमारे मुल्क और समाज के लिए ठीक नहीं है. ऐसे बयानों से आपस में नाइत्तफाकी पैदा होती है. समाज के अंदर नफरत का माहौल बनता है. राजनीतिक दलों के ऐसा करने से परहेज करना चाहिए. अली खारन ने कहा कि हमेशा प्यार मोहब्बत की ही बात होनी चाहिए. एकता में मोहब्बत का पैगाम देते हुए किस तरह से हिंदुस्तान तरक्की कर सके ऐसी ही बात करनी चाहिए.
एक पिता की अलग-अलग संतानों की तरह है देश की अवाम
अली खान ने ख्वाजा के दर से पैगाम देते हुए कहा इस मुल्क में रहने वाले हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी एक परिवार के सदस्य हैं. सभी आपस में है भाई-भाई हैं. जैसे परिवार बढ़ने पर दो भाई अलग हो जाते हैं, अलग घर में रहने लगते हैं, ठीक वैसे ही यहां की अवाम है. सब एक दूसरे से अलग रहकर और अलग दिखने के बाद भी वे सभी एक हैं. जब भी मुस्लिम भाइयों को हिंदू भाइयों की जरूरत होती है तो हिन्दू भाई कदम से कदम मिला कर खड़े रहते है, वैसे ही जरूरत के वक्त मुस्लिम उनके साथ मुस्तैदी से खड़े रहते हैं. उन्होंने कहा कि ख्वाजा का दर एक ऐसा दर है, जहां सभी सर झुकाकर एक हो जाते हैं.
अपनी मुरादों का धागा बांधने आते हैं अली खान
अली खान ने कहा कि वह हर साल ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स मुबारक के मौके पर शिरकत करने के लिए अजमेर पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि यहां पहुंचकर उनके दिल को काफी सुकून मिलता है. वह जब भी अजमेर आते हैं तब अपनी मुरादों का धागा ख्वाजा के दर पर बांधते हैं. उन्होंने कहा कि पहले मैं अपनी मेरी बीवी के साथ अजमेर ख्वाजा के दर पर उर्स में शिरकत करने के लिए पहुंचा करता था, लेकिन जब उनका इंतकाल हो गया तो उसके बाद में खुद ही यहां पर पहुंचता हूं.
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