बताया जा रहा है कि तकरीबन 15 साल पहले वो ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो गए थे और उन्हें लकवा मार गया था.
Trending Photos
)
मुंबई: भारतीय शास्त्रीय संगीत के रामपुर सहसवान घराने से ताल्लुक रखने वाले पद्मश्री उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान (Ustad Ghulam Mustafa Khan) का 89 साल की उम्र में इंतेकाल हो गया है. इस बात का जानकारी उनका बहू नम्रता ने सोशलम मीडिया के ज़रिए दी ही.
"Tandav" पर बोले कपिल मिश्रा,"कभी अपने धर्म पर भी फिल्म बनाएं सैफ अली खान और अब्बास"
बताया जा रहा है कि तकरीबन 15 साल पहले वो ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो गए थे और उन्हें लकवा मार गया था. तभी से वे बीमार चल रहे थे, चलने फिरने की हालत में नहीं थे और घर में ही उनका इलाज चल रहा था.
यह भी पढ़ें: करिश्मा कपूर ने बेचा अपना आलीशान घर, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश
इस मौके पर भारत रत्न लता मंगेशकर ने ट्वीट के जरिए मुस्तफा खान को याद किया है. ट्वीट में लता दीदी ने लिखा, 'मुझे अभी ये दुखद खबर मिली है कि महान शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब इस दुनिया में नहीं रहे. ये सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ. वो गायक तो अच्छे थे ही पर इंसान भी बहुत अच्छे थे."
यह भी पढ़ें: मदरसों के लिए नया सिस्टम ला रही है सरकार, टीचर्स व संचालकों के फर्जीवाड़े की खुलेगी पोल
इसके अलावा संगीतकार ए आर रहमान (AR Rahman) ने भी उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को श्रद्धांजलि दी है. सोनू निगम ने भी ट्विटर पर उस्ताद गुलाम अली खान की तर्ज पर गाए गाने को अपलोड कर उन्हें याद किया है.
उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का जन्म 3 मार्च, 1931 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था. उस्ताद गुलाम मुस्तफा के शिष्यों में सोनू निगम के अलावा हरिहरन (Hariharan), शान (Shaan), आशा भोसले (Asha Bhosle), गीता दत्त, मन्ना डे (Manna Dey), एआर रहमान और लता मंगेशकर का नाम भी शुमार है. उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान की गिनती बेहतरीन संगीतकारों में होती थी जिसके लिए भारत सरकार ने उन्हें 1991 में पद्म श्री, 2006 में पद्म भूषण और 2018 में पद्म विभूषण अवॉर्ड से नवाजा था.
ZEE SALAAM LIVE TV