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Zee SalaamIsrael Hamas Warनेतन्याहू की जेलों में दम तोड़ रही है जिंदगी, भूख ने छीनी मासूम फिलिस्तीनी की सांसें

नेतन्याहू की जेलों में दम तोड़ रही है जिंदगी, भूख ने छीनी मासूम फिलिस्तीनी की सांसें

Israeli Prison Starvation: गाजा युद्ध शुरू होने के बाद इज़राइली जेलों की हालत और खराब हो गई है. पूर्व कैदियों ने बताया कि वहां पिटाई, गंदगी, बीमारियां, और इलाज की कमी आम बात है.

फाइल फोटो
फाइल फोटो

Israeli Prison Starvation: इज़रायली सेना गाजा में नरसंहार कर रही है और लोगों को भूखा मारने की कोशिश कर रही है. इस बीच, नेतन्याहू की सरकार भी इज़रायली जेलों में बंद फिलिस्तीनियों को भूखा मार रही है. इज़राइल की एक जेल में बंद 17 वर्षीय फिलिस्तीनी किशोर वलीद अहमद की मौत हो गई है. इस मौत के पीछे भूख और कुपोषण को कारण माना जा रहा है. अहमद को बिना किसी इल्जाम के छह महीने तक जेल में रखा गया था.

इजरायली डॉ. डेनियल सोलोमन ने फिलिस्तीनी किशोर वलीद अहमद का पोस्टमार्टम किया और दावा किया है कि अहमद की मौत के पीछे भूख और कुपोषण मुख्य कारण हो सकता है. रिपोर्ट आने के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन शुरुआती जांच में किशोर की मौत भूख से हुए कुपोषण के कारण हुई है. डॉक्टर ने दावा किया है कि पोस्टमार्टम में अहमद के शरीर में गंभीर कुपोषण, मांसपेशियों की कमजोरी, आंतों में सूजन (कोलाइटिस), और खुजली (स्केबीज) के लक्षण पाए गए. डॉक्टरों के मुताबिक, यह सब संकेत देता है कि अहमद लंबे समय से बीमारी और भूख से जूझ रहा था.

डॉक्टरों की राय
फॉरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि अहमद की मौत भूख और इलाज के अभाव के कारण हुई. डॉ. लिना कासेम हसन ने कहा कि अहमद इतना कमजोर था कि उसके शरीर में बीमारी से लड़ने की ताकत नहीं बची थी. उसकी मौत को मेडिकल नेग्लिजेंस का उदाहरण बताया गया. 

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पिता का दर्द
वहीं, अहमद के पिता ने बताया कि उनका बेटा एक स्वस्थ और फुटबॉल खेलने वाला स्टूडेंट था. जेल में उसकी हालत खराब हो गई थी, लेकिन उन्हें उससे मिलने नहीं दिया गया. अब वे बेटे का शव मांग रहे हैं ताकि उसका अंतिम संस्कार कर सकें.

जेल में हालात
अधिकारियों के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद इज़राइली जेलों की हालत और खराब हो गई है. पूर्व कैदियों ने बताया कि वहां पिटाई, गंदगी, बीमारियां, और इलाज की कमी आम बात है. मेगिद्दो जेल को सबसे कठोर जेलों में से एक माना जाता है, जहां कई फिलिस्तीनी बिना आरोप के बंद हैं.

क्या है पूरा मामला
30 मार्च को वलीद अहमद की तबीयत बिगड़ी और वह मेगिद्दो जेल में बेहोश होकर गिर पड़ा. उसके सिर पर चोट लगी और उसकी मौत हो गई. फिलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि अहमद को लंबे समय से पर्याप्त खाना नहीं मिल रहा था. जेल के मेडिकल रिकॉर्ड के मुताबिक, वह दिसंबर से ही भोजन की शिकायत कर रहा था.

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Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

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