Gaza Ceasefire Proposal: इससे पहले मिस्र के पत्रकारों ने दावा किया था कि सीनियर हमास नेता खलील अल-हय्या के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सभी बंधकों को रिहा करने और 5 साल के लिए गाजा में युद्ध विराम पर सहमति जताई थी, लेकिन इजरायल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. अब एक बार फिर सीजफायर समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच बैठक हुई है.
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Gaza Ceasefire Proposal: गाजा में जारी जंग को खत्म करने के लिए मिस्र के अधिकारी और इजरायल के सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल की बैठक काहिरा में हुई है. इस बैठक की अगुआई इजरायल के सामरिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर ने की. बैठक में गाजा में सीजफायर को लागू करने के उद्देश्य से एक नए प्रस्ताव पर चर्चा की गई. मिस्र के जराए ने यह जानकारी दी.
जराए ने सिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि उसने गाजा में अपनाए जाने वाले एक नए समझौते का प्रस्ताव रखा है. इसके मुताबिक, गाज़ा में रखे गए लगभग आधे इज़राइली बंधकों को रिहा करने पर छह महीनों के लिए युद्धविराम किया जाएगा. यानी पहले आधे बंधकों को रिहा किया जाएगा, फिर छह महीनों तक इजरायल हमला नहीं करेगा.
नए सीजफायर समझौते में क्या?
जराए के मुताबिक, मिस्र ने यह नया प्रस्ताव इसलिए रखा है क्योंकि इज़रायल ने पहले वाला पांच साल का सीजफायर वाला प्रस्ताव ठुकरा दिया था, जिसमें सभी इज़रायली बंदियों की रिहाई पर लंबी शांति की बात की गई थी. नए प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि इजरायली सेना गाज़ा से धीरे-धीरे पीछे हटेगी और वहां के पुनर्निर्माण के लिए मदद भी होगी. इससे पहले मिस्र के अल-क़हेरा न्यूज़ चैनल ने कहा कि मिस्र के मुख्य खुफिया अधिकारी हसन महमूद रशद जल्द ही काहिरा में इजरायली वार्ता दल से मिलेंगे. उनकी मुलाकात का मकसद गाजा पट्टी में सीजफायर पर बात करना है. यह बैठक उस हमास प्रतिनिधिमंडल की मिस्र यात्रा के ठीक बाद हो रही है, जहां गाजा में शांति बनाए रखने पर चर्चा हुई थी.
इजरायल ने ठुकरा दिया हमास का प्रस्ताव
इससे पहले मिस्र के पत्रकारों ने दावा किया था कि सीनियर हमास नेता खलील अल-हय्या के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सभी बंधकों को रिहा करने और 5 साल के लिए गाजा में युद्ध विराम पर सहमति जताई थी, लेकिन इजरायल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके बाद यह बैठक दोबारा आयोजित की गई. गौरतलब है कि 19 जनवरी से इजरायल और हमास के बीच छह हफ्ते का पहला युद्धविराम था. उस अवधि के खत्म होते ही, इजरायल ने 2 मार्च से गाजा में राहत सामग्री भेजना बंद कर दिया था.