)
Gaza News: भूख से तड़पते बच्चों की तस्वीरें और भूख से मौत की बढ़ती खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी नाराज़गी पैदा कर दी है. इस दबाव के चलते इसराइल ने गाज़ा पट्टी में कुछ इलाकों में लड़ाई रोककर खाने-पीने का सामान भेजने की इजाजत दी है और एयरड्रॉप के ज़रिए मदद पहुंचाई गई है.
हालांकि, राहत संगठनों और स्थानीय फिलिस्तीनियों का कहना है कि ये कदम केवल सतही हैं और युद्धग्रस्त इलाके में फैलते अकाल को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. इजराइल ने बंदिशों में रिआयत दी है और ज्यादा ट्रक भी गाजा पहुंच रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद आम लोग भूख का शिकार हो रहे हैं. आखिर इसके पीछे क्या वजह है, आइये जानते हैं.
इसराइल की तरफ से अब पहले की तुलना में ज्यादा राहत ट्रक गाज़ा में घुसने लगे हैं, लेकिन इनका बहुत कम हिस्सा ही संयुक्त राष्ट्र (UN) के गोदामों तक पहुंच पाता है. रास्ते में ही भूख से बेहाल लोगों और हथियारों से लैस गिरोह ट्रकों को घेर लेते हैं और सारा सामान लूट लेते हैं. कुछ लोग खुद के लिए खाना छीनने की कोशिश करते हैं, जबकि कुछ गिरोह इन्हें जमा करके बाद में बेचते हैं.
गवाहों के मुताबिक इजराइली सैनिकों ने आम लोगों को टारगेट करने के लिए अपना फंडा अपनाया है. वह खाना लेने गई भीड़ पर फायरिंग करते हैं, जिससे भारी तादादा में लोग मारे जाते हैं और घायल होते हैं. यह भी वजह है कि आम लोग ऐसी जगहों पर खाना लेने जाने से परहेज करते हैं. कई सौ लोग इजराइली सेना के जरिए की गई फायरिंग में मारे जा चुके हैं.
एयरड्रॉप में मिलने वाला नाकाफी है और लोगों को भूखा रहना पड़ रहा है, लेकिन राहत संगठनों का कहना है कि एयरड्रॉप ट्रकों की तुलना में बहुत कम मदद पहुंचाता है. कई बार खाने के पैकेट उन इलाकों में गिरे हैं जहां लोग पहले ही विस्थापित हो चुके हैं या फिर सीधे समुद्र में जा गिरते हैं. लोग भीगे हुए आटे की बोरियां निकालने के लिए समंदर में कूद जाते हैं.
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) की प्रवक्ता ओल्गा चेरेवको ने बताया कि इसराइली सेना की मंज़ूरी में देरी और सड़कों की सीमित उपलब्धता के कारण संयुक्त राष्ट्र के ट्रक समय पर मदद नहीं पहुंचा पा रहे हैं. इसराइल का कहना है कि वह पर्याप्त मात्रा में सामान भेज रहा है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और दूसरे संगठनों के जरिए समय पर डिस्ट्रीब्यूशन न होने से राहत ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही.