Gaza Rebuilding: गाजा को दोबारा बनाने की पहल शुरू हो गई है. अरब मुमालिक की समिट में मिस्र की पुनर्निर्माण योजना को मंजूरी मिल गई है. पूरी खबर पढ़ने के लिए स्क्रॉल करें.
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Gaza Rebuilding: इजराइल के लगातार हमलों ने गाजा को पूरी तरह से तबाह कर दिया है. जिसके बाद अरब ने उसे दोबारा खड़ा करने का प्लान बनाया है. अरब नेताओं ने मंगलवार को गाजा के लिए मिस्र की पुनर्निर्माण योजना को मंजूरी दे दी है, जिसकी अनुमानित लागत 53 अरब डॉलर है और इसका मकसद इस इलाके से फिलिस्तीनियों को विस्थापित होने से बचाना है.
समिट में फिलीस्तीनी अथॉरिटी के अंडर में कम से कम छह महीने तक गाजा का प्रशासन करने के लिए एक गैर-गुटीय तकनीकी समिति के गठन पर भी सहमति बनी है. शिखर सम्मेलन के बाद, मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मिस्र अपनी पुनर्निर्माण योजना को इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ावा देना शुरू करेगा.
उन्होंने विस्तार से बताया कि इस प्लान में गाजा पट्टी में एक बंदरगाह और हवाई अड्डे की स्थापना की जााएगी और गाजा में हुए विनाश से बचे मलबे को रिसाइकिल किया जाएगा. शिखर सम्मेलन के अंतिम वक्तव्य के मुताबिक, अरब नेताओं ने चेतावनी जारी की कि फिलिस्तीनी लोगों को विस्थापित करने या कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र के किसी भी हिस्से को अपने में मिलाने का कोई भी प्रयास क्षेत्र को संघर्ष के एक नए फेज में ले जाएगा.
बयान के मुताबिक, अरब नेताओं ने पुनर्निर्माण योजना के कार्यान्वयन के लिए सभी प्रकार की वित्तीय, भौतिक और राजनीतिक सहायता देने का वचन दिया है. अरब नेताओं ने हमास और इजरायल के बीच सीजफायर समझौते के दूसरे और तीसरे फेज को लागू करने की जरूरत पर भी जोर दिया.
उन्होंने मांग की कि इजरायल को गाजा पट्टी से पूरी तरह हट जाना चाहिए, जिसमें गाजा और मिस्र के बीच फिलाडेल्फिया गलियारा भी शामिल है, और बिना किसी बाधा के मानवीय सहायता, आश्रय और चिकित्सा सहायता तक सुरक्षित, पर्याप्त और तत्काल पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए.
एक प्रेस वक्तव्य में हमास ने शिखर सम्मेलन के दौरान अरब नेताओं के रुख की प्रशंसा की और फिलिस्तीनियों को विस्थापित करने या उनके हितों को कमजोर करने के कोशिशों को कबूल न करने पर रोशनी डाली. हमास ने जोर देकर कहा कि एकीकृत अरब रुख एक स्पष्ट संदेश देता है कि फिलिस्तीनी "नकबा", 1948 के अरब-इजरायल युद्ध के दौरान फिलिस्तीनियों का बड़े पैमाने पर विस्थापन और बेदखली, दोहराया नहीं जाएगा.