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Zee SalaamIsrael Hamas WarGaza: इलाज के बाद वापस गाजा मरने के लिए जाएंगे फिलिस्तीनी बच्चे! जॉर्डन का बड़ा फैसला

Gaza: इलाज के बाद वापस गाजा मरने के लिए जाएंगे फिलिस्तीनी बच्चे! जॉर्डन का बड़ा फैसला

Gaza: इजराइल और गाजा में जंग जारी है. इस बीच जॉर्डन अपने यहां इलाज ले रहे फिलिस्तीनी बच्चों को गाजा वापस भेज रहा है. इस फैसले पर काफी लोग सवाल खड़ा करते दिख रहे हैं.

Gaza: इलाज के बाद वापस गाजा मरने के लिए जाएंगे फिलिस्तीनी बच्चे! जॉर्डन का बड़ा फैसला

Gaza: जॉर्डन में इलाज करवा रहे फिलिस्तीनी बच्चों को अब वापस जंग की आग में जल रहे ग़ाज़ा पट्टी भेजा जा रहा है. इन बच्चों के परिवार काफी फिक्रमंद हैं कि वहां जंग के हालात में उनके बच्चों के साथ कुछ भी हो सकता है. कई माता-पिता ने यह भी कहा है कि उनके बच्चों को इलाज पूरा होने से पहले ही वापस भेज दिया गया है.

गाजा वापस भेजे जा रहे फिलिस्तीनी बच्चे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक शख्स ने बताया कि उनकी बेटी दिल के छेद के साथ पैदा हुई थी. एनास अबू दक्का ने बीबीसी को बताया फरवरी में जब जॉर्डन के राजा अमेरिका गए थे, तो उन्होंने ऐलान किया था कि जॉर्डन के अस्पतालों में ग़ज़ा के 2,000 बीमार बच्चों का इलाज किया जाएगा. इस वादे के तहत, मार्च की शुरुआत में 29 बच्चों को जॉर्डन लाया गया था.

12 मई की रात को एनास को बताया गया कि उन्हें वापस ग़ज़ा भेजा जा रहा है क्योंकि नीवीन का इलाज पूरा हो गया है. एनास ने कहा, "हम उस समय निकले थे जब युद्धविराम था, लेकिन अब जब फिर से लड़ाई शुरू हो गई है तो वे हमें कैसे वापस भेज सकते हैं?"

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बच्चों की जान खतरे में

इस बीच, जॉर्डन का कहना है कि उन्होंने शुरुआत से ही इन बच्चों को इलाज के बाद वापस भेजने की योजना बनाई थी. उनका कहना है कि वे फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन पर ही रहने देना चाहते हैं.

निहाया बास्सेल, जिनके बेटे मोहम्मद को दमा और गंभीर एलर्जी है, उन्होंने भी अपनी यात्रा का अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि जब वे जॉर्डन से ग़ाज़ा लौट रहे थे, तो उन्हें इजरायली सुरक्षा बलों ने परेशान किया. निहाया ने कहा, "वे हमें गालियां देने लगे. हमें मारने की धमकी दी. उन्होंने हमारे सारे पैसे ले लिए, हमारे मोबाइल फोन, हमारे बैग, सब कुछ छीन लिया."

इजरायली सेना का कहना है कि उन्होंने लोगों से वह नकद जब्त किया जो तय सीमा से ज्यादा था, क्योंकि उन्हें शक था कि ये पैसे ग़ाज़ा में आतंकवाद के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने लोगों का व्यक्तिगत सामान क्यों जब्त किया. एनास और निहाया ने कहा कि उनके बच्चों के मेडिकल रिकॉर्ड और दवाइयां भी छीन ली गईं और वे खाली हाथ घर लौटे.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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