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Gaza War News: जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान साफादी ने शुक्रवार को इंटरनेशनल कम्यूनिटी से अपील की कि वह इज़राइल के ताज़ा गाज़ा मिलिट्री अटैक पर सख़्त कदम उठाए. उन्होंने वॉर्निंग दी कि अगर इज़राइल को यूं ही छूट मिलती रही तो यह पूरे इलाके में अस्थिरता को और बढ़ा देगा.
साफादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर आइसलैंड, आयरलैंड, लक्ज़मबर्ग, नॉर्वे, स्लोवेनिया और स्पेन के विदेश मंत्रियों की सराहना की, जिन्होंने गाज़ा पर हुए हमलों की निंदा की है. उन्होंने कहा कि अन्य देशों को भी अंतरराष्ट्रीय क़ानून और मानवाधिकारों के सिद्धांतों पर चलते हुए इस मुद्दे पर साफ़ रुख़ अपनाना चाहिए.
विदेश मंत्री ने कहा, "इज़राइल जिस तरह इंटरनेशनल लॉ का मज़ाक बना रहा है, यह अब और नहीं चल सकता. गाज़ा में भूखमरी और राहत सामग्री पर रोक ने हालात को और गंभीर बना दिया है."
उन्होंने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर आरोप लगाया कि वे अपने राजनीतिक करियर को बचाने के लिए जंग को लंबा खींच रहे हैं. साफादी ने कहा, "नेतन्याहू संघर्ष पर ही फलता-फूलता है. उसकी नीतियां नस्लभेदी और अमानवीय सोच पर आधारित हैं, जिसे दुनिया को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए."
साफादी ने कहा कि नेतन्याहू गाज़ा को बर्बाद कर रहे हैं और शांति की उम्मीदें खत्म कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि गाज़ा में अब तक 13 लाख से ज़्यादा फ़िलिस्तीनियों की रोज़ी-रोटी छिन चुकी है और केवल गाज़ा सिटी में ही एक मिलियन लोग अकाल के मुहाने पर खड़े हैं.
जॉर्डन के विदेश मंत्री ने कहा कि इज़राइल और हमास के बीच सीजफायर समझौता मुमकिन है, लेकिन नेतन्याहू जानबूझकर उसे रोक रहे हैं. वह चाहते हैं कि यह युद्ध चलता रहे. यही डरावनी हकीकत है, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय अनदेखा नहीं कर सकता.
साफादी ने सभी देशों से अपील की कि वे आइसलैंड, आयरलैंड, लक्ज़मबर्ग, नॉर्वे, स्लोवेनिया और स्पेन की तरह शांति और न्याय के पक्ष में खड़े हों और निर्दोष फ़िलिस्तीनियों की हत्या को रोकने के लिए कदम उठाएं.