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Zee SalaamIsrael Hamas WarGaza: भुखमरी का शिकार हो रहे हैं फिलिस्तीनी; बंद हुए खाना मुहैया कराने वाले किचन

Gaza: भुखमरी का शिकार हो रहे हैं फिलिस्तीनी; बंद हुए खाना मुहैया कराने वाले किचन

Gaza Food Supply: गाजा में भुखमरी के हालात बने हुए हैं. वर्ल्ड सेंट्रल किचन ने कहा है कि सामान खत्म होने की वजह से उन्हें अपना काम रोकना पड़ रहा है. पूरी खबर पढ़ने के लिए स्क्रॉल करें.

Gaza: भुखमरी का शिकार हो रहे हैं फिलिस्तीनी; बंद हुए खाना मुहैया कराने वाले किचन

Gaza Food Supply: गाजा में वर्ल्ड सेंट्रल किचन (WCK) ने कहा है कि गाजा पट्टी में अब वह खाना बनाना बंद कर देगा क्योंकि उसके पास खाना पकाने के लिए जरूरी सामान खत्म हो चुका है. बता दें, इस इस वक्त गाजा भुखमरी का शिकार हो रहा है. 

गाजा में बुखमरी के हालात

वॉशिंगटन डी.सी. में मौजूद इस संस्था ने बुधवार को एक प्रेस बयान में बताया,"पिछले 18 महीनों में हमने 13 करोड़ से ज़्यादा खाने के पैकेट और 2.6 करोड़ ब्रेड बांटीं गई. लेकिन अब हमारे पास खाना पकाने या ब्रेड बनाने के लिए सामान नहीं बचा है." WCK ने बताया कि इज़राइल ने मार्च की शुरुआत में गाजा के लिए सीमाएं बंद कर दी थीं, जिसके कारण वे अब अपने खाने का स्टॉक फिर से भर नहीं पा रहे हैं.

कई बड़े किचन हुए बंद

अब WCK की कई बड़ी किचन बंद हो गए हैं क्योंकि उनके पास खाने की चीजें नहीं हैं, और उनकी मोबाइल बेकरी में आटा भी खत्म हो गया है. संस्था ने यह भी बताया कि गाजा के 80% से ज़्यादा कम्युनिटी किचन में भी अब खाना पकाने का स्टॉक नहीं बचा है. इस बीच गाजा में पैलेस्टीनियन एनजीओ नेटवर्क के प्रमुख अमजद शावा ने चेतावनी दी कि अगर ये किचन बंद हो गए, तो भुखमरी और बढ़ेगी.

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उन्होंने कहा,"इस गंभीर मानवीय संकट का असर बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर बहुत बुरा पड़ेगा. अगर सभी पक्ष मिलकर मदद नहीं करते और सीमाएं नहीं खोली जातीं, तो गाजा में हालात बेहद खतरनाक हो जाएंगे." इज़राइल ने 2 मार्च से गाजा में सामान और राहत सामग्री भेजना बंद कर दिया था.

यूएन ने दी चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि गाजा में भयंकर मानवीय संकट पैदा हो रहा है, खासतौर पर बच्चों में भुखमरी के लक्षण तेजी से बढ़ रहे हैं. इज़राइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है कि वह राहत सामग्री पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाए. हालांकि इज़राइल का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र जैसी एजेंसियों के जरिए भेजी गई राहत सामग्री का एक बड़ा हिस्सा हमास के हाथों में चला जाता है, जो उसे आम लोगों की बजाय अपने लड़ाकों के लिए इस्तेमाल करता है.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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