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Israel Hamas War: जंग की शुरुआत से ही देखा गया है कि इजराइल कई बार अपने वादे से पीछे हटा है और वह अकसर पहले शर्त मान लेता है और फिर मुकर जाता है. अब हमास और इजराइल की बातचीत के बीच एक फिलिस्तीनी अधिकारी का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि हमास को इजराइल से ये सुनिश्चित करना होगा कि उसकी सेना शेड्यूल के हिसाब से पीछे हटे.
टाइम्स ऑफ इजराइल डेवलपमेंट इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या हमास उस नक्शे को स्वीकार करता है, जिसमें दिखाया गया है कि इजरायली सेना गाज़ा पट्टी के अधिकांश हिस्से से हट जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक नक्शा जारी किया था, जिसमें इजरायली सेना की शुरुआती वापसी की रेखा गाज़ा पट्टी के मिडिल हिस्से से होकर गुजरती हुई दिखाई गई है.
इस योजना के मुताबिक, इजरायल पहले इस रेखा तक पीछे हटेगा, और फिर धीरे-धीरे गाज़ा की सीमा तक लौटेगा. अधिकारी ने आगे कहा,"मुमकिन है कि हमास इजरायल की वापसी के लिए एक सख्त समयसीमा की भी मांग कर सकता है. वार्ताओं के पहले चरण में यही तय होगा कि आगे की प्रक्रिया कैसे बढ़ेगी.
इससे पहले इजराइल ने रमजान के दौरान धोखा दिया था. वह फेजवाइज सीजफायर के लिए तैयार हो गया था. पहला फेज में बंधकों की अदलाबदली हुई और फिर उसने दूसरे फेज के लिए वह मुकर गया. इस फेज में इजराइली सेना के पीछे हटने का जिक्र किया गया था.
हमास से जुड़े सोर्सेज ने रॉयटर्स को बताया कि जिंदा बंधकों की रिहाई आसान हो सकती है, लेकिन गाज़ा में हुए भारी विनाश और मलबे के बीच मृत बंधकों के शव निकालने में कई दिन लग सकते हैं. इस तरह, वार्ताओं का केंद्रबिंदु अब यह रहेगा कि इजरायली सेना की वापसी और बंधकों की रिहाई के बीच किस तरह का समझौता तैयार किया जाए.