Israel Hamas Ceasefire Deal: इजराइल और हमास ने एक बार फिर से कतर में बातचीत शुरू करने का ऐलान किया है. इजराइली रक्षा मंत्री काट्ज ने दावा किया कि हमास में यह बदलाव Gideon's Chariots ऑपरेशन के बाद देखने को मिल रहा है.
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Israel Hamas Talks: हमास और इजराइल के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता शनिवार (17 मई) को कतर की राजधानी दोहा में एक बार फिर से शुरू हो गई है. सीनियर हमास अधिकारी महमूद मर्दावी के मुताबिक, यह बातचीत कतर और अमेरिका की मध्यस्थता में हो रही है, जिसका मकसद गाजा पट्टी में संघर्षविराम और बंधकों की रिहाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना है. यह बातचीत बगैर किसी पूर्व शर्त के जारी है.
हमास के एक करीबी सूत्र ने बताया कि यह बातचीत अमेरिका के मिडिल ईस्ट के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ के प्रस्ताव पर आधारित है, जिसमें हमास ने बड़े पैमाने पर सुधार किया है. सूत्र ने कहा कि इस बार अमेरिका की ओर से दिए गए आश्वासन "ज्यादा गंभीर" मालूम हो रहे हैं, जिसमें संभावित समझौते को लागू करने की स्पष्ट प्रतिबद्धताएं शामिल हैं.
दूसरी तरफ इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी शनिवार को बातचीत का दौर फिर से शुरू होने की पुष्टि की है. इजराइल काट्ज ने कहा कि हमास का बातचीत की मेज पर लौटना, उसके अब तक के 'इनकार की स्थिति' में एक बदलाव दिखता है. काट्ज ने दावा किया कि यह बदलाव इजराइल जरिये हाल ही में शुरू किए गए 'ऑपरेशन गिडियन्स चेरियट्स' के बाद आया है.
इजराइली काट्ज ने कहा कि इस ऑपरेशन मकसद गाजा में युद्ध का दायरा बढ़ाना, बंधकों की रिहाई शाम और हमास का पूरी तरह से सफाया शामिल है. इससे पहले शुक्रवार की रात को इजराइली सेना ने ऐलान किया कि उसने गाजा में अपने अभियानों को तेज कर दिया है. इसमें कई हवाई हमले किए गए और ग्राउंड पर अतिरिक्त फोर्स तैनात किया गया है.
इजराइली सेना ने बताया कि Gideon's Chariots नाम के ऑपरेशन के जरिये हमले तेज कर दिए गए हैं. इजराइली पब्लिक रेडियो कान (Kan) की रिपोर्ट के मुताबिक, दोहा में चल रही मौजूदा बातचीत में जो प्रस्ताव चर्चा में है, उसमें लगभग 10 या उससे अधिक बंधकों की रिहाई के बदले सीमित समय तक सीजफायर शामिल है. इजराइल का अनुमान है कि गाजा में अब भी लगभग 20 बंधक जीवित हैं.
हालांकि, हालिया कोशिशों के बावजूद हमास ने इस बातचीत को लेकर कुछ आपत्ति जताई है. हमास का कहना है कि जब तक गाजा पर इजरायल के जरिये 2 मार्च से लगाया गया नाकाबंदी जारी है, तब तक बातचीत को आगे बढ़ाना मुश्किल है.
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