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Gaza Food Crisis: गाज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने वाले विदेशी संगठनों पर इज़राइल के नए कानून ने बड़ी रोक लगा दी है. गुरुवार को जारी एक ज्वाइंट लेटर में 100 से ज्यादा इंटरनेशनल संगठनों ने आरोप लगाया कि इज़राइली अधिकारियों ने उनके सहायता सामग्री ले जाने की गुजारिश को लगातार ठुकराया है.
पत्र में कहा गया है कि जुलाई 2024 में ही कम से कम 60 बार संगठनों की गुजारिश खारिज कर दी गई, यह कहते हुए कि वे 'सहायता देने के लिए अधिकृत नहीं' हैं. इस पर दस्तखत करने वालों में ऑक्सफैम और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं.
मार्च में इज़राइल सरकार ने फिलिस्तीनियों के साथ काम करने वाले विदेशी गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के लिए नए नियम लागू किए थे. इसमें संगठनों के रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस, अस्वीकृति और रद्दीकरण की शर्तें तय की गईं थीं. इन शर्तों में साफ लिखा था कि पंजीकरण ठुकराया जा सकता है अगर कोई संगठन इज़राइल के लोकतांत्रिक चरित्र को नकारता है या देश के खिलाफ डेलीजीटिमाइज़ेशन कैंपेन चलाता है.
इज़राइल के डायस्पोरा मंत्री अमीचाई चिकली ने कहा, "दुर्भाग्य से कई संगठन दुश्मन और कभी-कभी हिंसक गतिविधियों का मुखौटा होते हैं. जिन संगठनों का हिंसा या बहिष्कार आंदोलन से कोई संबंध नहीं है, उन्हें काम करने की इजाजत दी जाएगी."
CARE संगठन की निदेशक जोलियन वेल्डविक ने कहा,"हमारा मकसद ज़िंदगियां बचाना है, लेकिन नए रजिस्ट्रेश नियमों की वजह से गाज़ा के लोग खाना, दवा और सेफ्टी से वंचित हो रहे हैं." CARE मार्च से गाज़ा में कोई मदद नहीं भेज पाया है, जब इज़राइल ने पूरी तरह नाकाबंदी लगा दी थी.
इज़राइल का आरोप है कि हमास गाज़ा में आने वाली सहायता चुरा लेता है. मई से, अमेरिकी समर्थन वाले गाज़ा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन को भोजन वितरण की जिम्मेदारी दी गई है. लेकिन गाज़ा के सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि यहां रोज़ाना हज़ारों लोग केंद्रों पर उमड़ते हैं, जहां अफरातफरी मच जाती है और कई बार गोलीबारी भी होती है.