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Israel Attack on Lebanon: इज़राइल की सेना ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण लेबनान के एक फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर किए गए हमले में 13 हमास के लड़ाकों को मार गिराया है. लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को ऐन अल-हेलवे शरणार्थी कैंप पर हुए इस हमले में कम से कम 13 लोग मारे गए थे, हालांकि उन्होंने मृतकों की पहचान साझा नहीं की थी.
इज़राइली सैन्य बयान के मुताबिक, साउथ लेबनान में हमास के ट्रेनिंग कैंप पर किए गए सटीक हमले में 13 हमास के लड़ाके मारे गए थे. बयान में कहा गया कि इनमें जिहाद सैदावी भी शामिल था, जिसे इज़राइल अपनी सेना और देश के खिलाफ लेबनानी क्षेत्र से हमलों की तैयारी करवाने वाला बताता है. पहले जारी एक अंग्रेजी बयान में उसका नाम जवाद सिदावी लिखा गया था.
इस बीच, लेबनान में हमास ने बुधवार को एक शोक-संदेश जारी किया, जिसमें 13 लोगों के नाम शामिल थे. बाद में संगठन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर सभी के फोटो भी जारी किए. इज़राइली सेना ने कहा कि वह लेबनान में हमास की स्थापना और मौजूदगी को निशाना बना रही है और जहां भी हमास काम करेगा, वहां कार्रवाई जारी रखेगी.
कैंप के अंदर स्थित एक सेकेंडरी स्कूल ने गुरुवार को फेसबुक पर एक बयान जारी कर कहा कि उसके दो छात्र इस हमले में मारे गए हैं. स्कूल ने दोनों किशोर छात्रों की तस्वीरें भी साझा की थीं. गुरुवार को हमास ने एक बयान जारी किया, जिसमें 13 युवा दिखने वाले पुरुषों की तस्वीरें भी शामिल थीं. संगठन ने इस हमले को भयानक नरसंहार बताया और कहा कि इसमें कई निर्दोष नागरिक शहीद हुए.
मंगलवार को हमास ने यह भी कहा था कि उसके लेबनान के फिलिस्तीनी कैंपों में कोई सैन्य ठिकाने नहीं हैं और इज़राइल के दावे झूठे हैं. इज़राइल की ओर से जिस इमारत पर हमले का वीडियो जारी किया गया, उसे लेकर हमास का कहना है कि वहां एक खुला खेल मैदान था, जहां कैंप के युवा अक्सर जाते हैं. संगठन का दावा है कि हमले के समय वहां मौजूद युवा लड़कों को निशाना बनाया गया.
ऐन अल-हेलवे लेबनान का सबसे बड़ा फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप है, जो सैदा (सिडोन) शहर के बाहरी इलाके में मौजूद है. इज़राइल पिछले साल नवंबर में हुए सीजफायर के बावजूद लेबनान में हमले कर रहा है. इस संघर्ष-विराम का मकसद हमास के सहयोगी हिज़्बुल्लाह के साथ एक साल से जारी तनाव और दो महीने के युद्ध को रोकना था.