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Israel Hamas War News: इजराइल और हमास के बीच जंग फिलहाल रुकी हुई है, लेकिन इस बीच जेरूसलम में इजराइली प्रशासन कुछ बड़ा प्लान कर रहा है. दरअसल शहर उत्तर में एक कचरा जलाने वाले प्लांट को बनाने के लिए फिलिस्तीनियों के घरों को तोड़ा जाना है. रिपोर्ट के मुताबिक इसे बनाने के लिए दो अपार्टमेंट इमारतों को ध्वस्त किया जाएगा, जिनमें दर्जनों फिलिस्तीनी परिवार रहते हैं.
क़लंदिया गांव में रहने वाले लोगों और किसानों को इजरायली अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है कि नवंबर के अंत तक उनके घरों और जमीनों को खाली कराना होगा, ताकि वहां वेस्ट ट्रीटमेंट एंड एनर्जी रिकवरी फैसिलिटी को तामीर किया जा सके.
अधिकारियों ने लगभग 32 एकड़ की जमीन अधिग्रहित करने का फैसला किया है. इसके तहत विभाजन दीवार (Separation Barrier) के एक हिस्से को तोड़ा जाएगा और उसका रास्ता बदलकर प्लांट को जेरूसलम की नगरपालिका सीमा के भीतर लाया जाएगा. इस इलाक में कम से कम सात आवासीय इमारतें हैं, जिनमें सैकड़ों फिलिस्तीनी रहते हैं.
इजरायल की जेरूसलम म्युनिसिपल डेवलपमेंट कंपनी ‘एडन’ को मई में क़लंदिया स्थल पर इस वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. वहीं, इजरायल के पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय ने विभाजन दीवार के एक हिस्से को हटाने और पुनर्निर्माण के लिए लगभग 30 लाख डॉलर (3 मिलियन डॉलर) का बजट निर्धारित किया है.
पीस नाउ नाम के संगठन ने इस फैसली की आलोचना की है. संगठन ने कहा, "सरकार की कब्जे और जमीन हड़पने की भूख की कोई सीमा नहीं है. ऐसा लगता है कि जेरूसलम क्षेत्र में कचरा संयंत्र बनाने के लिए कोई और जगह नहीं बची, सिवाय उन कुछ एकड़ों के जो दशकों की जब्ती और दीवारों के बाद क़लंदिया के निवासियों के पास बचे हैं."
संगठन ने आगे कहा,"यह अंतरराष्ट्रीय कानून और बुनियादी नैतिक सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है. कब्जे वाली शक्ति के हित में वहां रहने वाले निवासियों को बेदखल करना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है."