Israel Palestine War: गाजा में इजराइली हमलों में अब तक 51 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इजराइल की क्रूरता और अत्याचार के खिलाफ पूरी दुनिया में आवाज उठाई जा रही है. इस युद्ध को रोकने के लिए इजराइल के रिजर्व सैनिकों के साथ अब इंजीनियरों ने भी इस युद्ध को हर हाल में रोकने की मांग की है.
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Israel Attack on Gaza: इजराइल का लगातार मासूम फिलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है. 7 अक्टूबर 2023 से अब तक इजराइल के हमलों गाजा में 51,025 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. इनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा 1 लाख 16 हजार 432 लोग जख्मी है, जबकि 11 हजार से अधिक लोग लापता हैं. फिलिस्तीनियों हुए अत्याचार और क्रूरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब खुद इजराइल के लोग अपनी सरकार की इस कार्रवाई का विरोध करने लगे हैं.
इसी क्रम में छह सौ इजराइली आर्किटेक्ट्स और अर्बन प्लानर ने एक याचिका पर संयुक्त हस्ताक्षर किए हैं. इस याचिका में गाजा पट्टी में चल रही हिंसक कार्रवाई को रोक कर वहां से बंधकों के वापासी की रिहाई की मांग की गई है. इससे पहले भी इजराइल में इस तरह के विरोध देखने को मिले हैं. हालिया दिनों इजराइली सेना ने एक हजार से ज्यादा एयरफोर्स रिजर्व आर्मी के साथ रिटायर जवानों ने इस हमले को राजनीतिक फायदे के लिए की गई कार्रवाई बताई है. इसके बाद यहूदी सेना ने आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का ऐलान किया है.
यहूदी सेना को मिला इनका साथ
हिब्रू न्यूज वेबसाइट टाइम्स ऑफ इजराइ में छपी खबर के मुताबिक, "600 आर्किटेक्ट्स, अर्बन प्लानर और इंजीनियरों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं. जिसमें बंधकों को तत्काल रिहाई की मांग की गई है, इसके बदले चाहे युद्धविराम जैसी कीमत ही क्यों न अदा करनी पड़े." बताया जा रहा है कि यह याचिका 10 अप्रैल को इजराइली सेना के हजारों रिजर्व और रिटायर्ड जवानों के जरिये की गई पहल से पहले शरू की गई थी. यहूदी सेना के इन कथित बागी सैनिकों ने भी बंदियों की हर हाल में वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है.
इसके बाद से अब तक इजरायली सैन्य और खुफिया एजेंसियों की अलग- अलग शाखाओं के हजारों रिजर्व और रिटायर्ड अधिकारी इस याचिका में शामिल हो चुके हैं. इस बीच कई शिक्षाविदों के साथ छात्रों के माता- पिता, सैनिकों के माता-पिता और गाजा में भी कैदियों के परिवानों ने सेना के साथ एकजुटता के संदेश दिए और संघर्षविराम की मांग और बंधकों की सकुशल रिहाई पर जोर दिया.
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