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Israel Hamas Sign Ceasefire: बुधवार को इज़राइल और हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाज़ा शांति योजना के पहले फेज के सीजफायर और बंधक समझौते पर सहमति जता दी है. यह समझौता दो साल से जारी खूनी जंग को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, इस जंग ने पूरे मिडिल ईस्ट को हिला कर रख दिया था.
यह समझौता हमास के 7 अक्टूबर 2023 के सीमापार हमले की दूसरी बरसी के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसने इज़राइल के गाज़ा पर विनाशकारी हमले की शुरुआत की थी. मिस्र में चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में ट्रंप की 20-प्वाइंटर्स वाले प्लान के शुरुआती फेज पर सहमती बनी है.
एक हमास सूत्र के मुताबिक, ज़िंदा बंधकों को इज़राइली सरकार की मंजूरी के 72 घंटे के अंदर रिहा किया जाएगा, जबकि मृत बंधकों के लाशों को ढूंढने और सौंपने में ज्यादा वक्त लग सकता है. इज़राइली सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि बंधकों की रिहाई शनिवार से शुरू होने की संभावना है.
हमास ने उन फिलीस्तीनी कैदियों की लिस्ट सौंपी है, जिनकी रिहाई वह चाहता है. सूत्रों के मुताबिक, लिस्ट में मरवान बरघूती (फतह नेता) और अहमद सआदात (पीएफएलपी प्रमुख) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं, जो कई आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे हैं.
बुधवार देर रात ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा करते हुए कहा,"मुझे गर्व है यह बताते हुए कि इज़राइल और हमास दोनों ने हमारे शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसका मतलब है कि सभी बंधक जल्द रिहा किए जाएंगे, और इज़राइल अपने सैनिकों को तय की गई सीमा तक पीछे हटाएगा. यह एक स्थायी और मजबूत शांति की दिशा में पहला कदम है."
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा, "भगवान की मदद से हम अपने सभी लोगों को घर वापस लाएंगे. उन्होंने गुरुवार को अपनी कैबिनेट की बैठक बुलाकर समझौते को मंजूरी देने का ऐलान किया है.
हमास ने भी जंग खत्म करने की तस्दीक की है. उसके बयान में कहा गया कि समझौते में इज़राइली सेना की गाज़ा से वापसी और बंधक-कैदी अदला-बदली शामिल है. साथ ही उसने ट्रंप और गारंटर देशों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि इज़राइल युद्धविराम का पूरी तरह पालन करे.
ट्रंप ने कहा कि यह अरब और मुस्लिम दुनिया, इज़राइल, पड़ोसी देशों और अमेरिका के लिए एक महान दिन है. उन्होंने कतर, मिस्र और तुर्की को मध्यस्थता के लिए धन्यवाद दिया है. बातचीत में अमेरिका, कतर और तुर्की के वरिष्ठ दूत शामिल थे. ट्रंप ने अपने दामाद जेरेड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को मिस्र भेजा था, जबकि इज़राइल की ओर से रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर शामिल हुए.
हमास ने कहा कि वह गाज़ा का शासन एक फिलिस्तीनी तकनीकी सरकार को सौंपने को तैयार है, जो फिलिस्तीनी अथॉरिटी और अरब-मुस्लिम देशों की निगरानी में हो. लेकिन उसने किसी विदेशी नियंत्रण या टोनी ब्लेयर की भूमिका को खारिज किया है.