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Gaza News: अमेरिका की मध्यस्ता से इजराइल और हमास के बीच सीजफायर तो हो गया है, लेकिन आईडीएफ अभी भी अपनी मनमानी करती दिख रही है. हाल ही में हमले के बाद अब एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है इजराइली सेना गाज़ा में उस इलाके से अधिक इलाके पर कंट्रोल रख रही हैं, जितना कि हमास के साथ हुए संघर्षविराम समझौते में तय किया गया था.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक समझौते के अनुसार, इज़रायल को गाज़ा के उत्तर, दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में एक निश्चित सीमा तक पीछे हटना था, जिसे "येलो लाइन" (Yellow Line) कहा गया है. हालांकि इजराइली सेना ने ऐसा नहीं किया. वीडियो फुटेज और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि इज़रायली सेना ने इस लाइन को चिह्नित करने वाले निशान तय सीमा से सैकड़ों मीटर भीतर लगा दिए हैं.
इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल कैट्ज़ (Israel Katz) ने वॉर्निंग दी है कि जो भी शख्स इस रेखा का उल्लंघन करेगा, उसे गोलीबारी का सामना करना पड़ेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इस लाइन के लागू होने के बाद अब तक दो बार इज़रायली सैनिकों ने रेखा पार करने वालों पर घातक गोलीबारी की है.
बीबीसी की जांच में सामने आया है कि यह रेखा कई बार बदली जा चुकी है.14 अक्टूबर को इज़रायल ने ऑनलाइन एक नया नक्शा जारी किया, जिसमें नागरिकों के लिए अद्यतन सीमा दर्शाई गई थी. लेकिन बीबीसी वेरिफाई द्वारा जियोलोकेट किए गए वीडियो से पता चला कि कई नए निशान पुराने नक्शे से लगभग 0.5 किलोमीटर (500 मीटर) और भीतर गाज़ा की ओर लगाए गए हैं.
उत्तरी गाज़ा के अल-अतातरा इलाके में इज़रायली सेना ने बुलडोज़रों की मदद से अल-रशीद रोड के किनारे नए निशान गाड़े हैं. वहीं, दक्षिणी गाज़ा में खान यूनिस के पास 19 अक्टूबर को किए गए सर्वे में 10 नए निशान पाए गए, जो तय येलो लाइन से लगभग 290 मीटर आगे थे.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह रेखा स्पष्ट रूप से चिह्नित नहीं है, जिससे वे हमेशा खतरे में रहते हैं. अब्दुल क़ादिर ऐमन बक्र, जो गाज़ा सिटी के शेज़ाइया (Shejaiya) इलाके में सीमा के पास रहते हैं, उन्होंने बीबीसी से कहा, हर दिन हम अपने आस-पास इज़रायली सैन्य वाहन और सैनिकों को देखते हैं, लेकिन हमें यह नहीं पता होता कि हम सुरक्षित क्षेत्र में हैं या खतरे के क्षेत्र में. हम हमेशा खतरे में रहते हैं.