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Zee SalaamIsrael Hamas WarUS के प्रस्ताव को नेतन्याहू ने ठुकराया, गाजा में जारी रहेगा इजरायल का नरसंहार

US के प्रस्ताव को नेतन्याहू ने ठुकराया, गाजा में जारी रहेगा इजरायल का नरसंहार

US Gaza Ceasefire Deal: अमेरिका ने गाजा में इजरायली हमले को रोकने और 10 बंधकों को रिहा करने का प्रस्ताव रखा था. इजरायल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया.

US के प्रस्ताव को नेतन्याहू ने ठुकराया, गाजा में जारी रहेगा इजरायल का नरसंहार

US Gaza Ceasefire Deal: अमेरिका ने गाजा में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की थी लेकिन इजरायल ने इसे खारिज कर दिया है. इजरायल के इस फैसले से साफ है कि इजरायल गाजा में नरसंहार जारी रखेगा. इजरायली अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी मध्यस्थों ने रातों-रात यह प्रस्ताव इजरायल के सामने रखा था लेकिन इजरायल ने इसे स्वीकार नहीं किया. यानी नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर गाजा पर कब्जा करके ही युद्ध खत्म करेंगे.

दरअसल, अमेरिका ने गाजा में इजरायली हमले को रोकने और 10 बंधकों को रिहा करने का प्रस्ताव रखा था. इजरायल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. इजरायल के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी मध्यस्थों ने रातों-रात यह प्रस्ताव इजरायल के सामने रखा था, लेकिन  ने इजरायल इसे स्वीकार नहीं किया.

कई दिनों से चल रही थी संघर्ष विराम वार्ता
अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने एक प्रस्ताव दिया था, जिसमें कहा गया था कि हमास 5 जिंदा और 5 मरे हुए बंधकों को छोड़ देगा. इसके बदले गाजा में मानवीय मदद पहुंचाई जाएगी और 70 दिनों तक सीजफायर लागू किया जाएगा. इसके बाद स्थायी शांति को लेकर बातचीत भी शुरू की जाती. लेकिन इज़राइल ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. एक अधिकारी ने कहा कि ये सौदा हमास के सामने आत्मसमर्पण करने जैसा था, इसलिए हम इसे मंजूर नहीं कर सकते.

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इजरायल ने दिया था हमास को ये ऑफर
इजरायल अपने पुराने प्रस्ताव 'विटकॉफ़ फ्रेमवर्क' पर अड़ा हुआ है. यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मार्च में रखा था. इसमें कहा गया है कि 50 दिनों के लिए युद्ध रोक दिया जाएगा और बदले में कुछ इजराइली बंधकों को रिहा किया जाएगा. इसके बाद लंबे युद्धविराम पर बातचीत होगी लेकिन इस प्रस्ताव में गाजा से इजराइली सेना को हटाने या फ़िलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने का ज़िक्र नहीं है, जबकि ये हमास की दो बड़ी मांगें हैं. यही वजह है कि दोनों के बीच बातचीत नहीं हो पा रही है.

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Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

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