Israel Army Chief Hamas Deal: गाजा में पिछले 22 महीने से नरसंहार जारी है. इस युद्ध में कम से कम 63 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. इस बीच इजरायल के सेना चीफ ने बड़ा बयान दिया है.
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Israel Army Chief Hamas Deal: गाजा में इजरायल नरसंहार कर रहा है. आज IDF ने गाजा पट्टी में मौजूद नासिर अस्पताल पर भीषण हमला किया है, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है. इस हमले में 4 पत्रकार भी मारे गए हैं. जबकि सैकड़ों की संख्या में लोग जख्मी हुए हैं. वहीं, इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस बीच इजरायली सेना के प्रमुख ने बड़ा बयान दिया है.
इजरायल के सेना चीफ ने कहा, "गाजा में बचे बंधकों की रिहाई के लिए डील तैयार है. इजरायली मीडिया ने यह जानकारी दी है. इजरायली न्यूज चैनल 12 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, IDF के चीफ लेफ़्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने कहा, "इजरायली सेना ने सौदे की शर्तें तैयार कर ली हैं और अब यह पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के 'हाथों में' है.
दरअसल, गाजा में शांति के लिए कतर और मिस्र ने हमास और इजरायल के बीच सीजफायर समझौते के लिए ताजा प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव पर 26 अगस्त को इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट चर्चा करने वाली है. वहीं, इस प्रस्ताव को हमास ने 1 सप्ताह पहले ही एक्सपेप्ट कर लिया था. ऐसे समय में इजरायल के सेना चीफ का बयान आना मिडिल ईस्ट के लिए शुभ संकेत है.
नेतन्याहू सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में इजरायल के लोगों ने गाजा में जारी नरसंहार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था. लाखों लोग राजधानी तेव अवीव की सड़कों पर थे और इजरायली सरकार से गाजा में युद्धविराम की मांग कर रहे थे. लोगों ने बंधकों की रिहाई की भी मांग की.
चीफ के बयान का किया गया स्वागत
इजरायल के एक संगठन ने इजरायली सेना चीफ के बयान का स्वागत किया और कहा, "अंतरात्मा ने वही कहा है जो ज़्यादातर इजरायली मांग कर रहे हैं, जिसमें जिंदा (लगभग 20) बंधकों की रिहाई और युद्ध का अंत शामिल है." यह मंच मंगलवार को इज़रायली सरकार के खिलाफ और बड़े प्रदर्शनों की योजना बना रहा है.
नेतन्याहू अपने जिद पर अड़े
मिस्र और कतर के मध्यस्थों द्वारा प्रस्तुत नवीनतम प्रस्ताव कथित तौर पर जून में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा प्रस्तुत रूपरेखा पर आधारित है. इसके तहत, हमास शुरुआती 60 दिनों के लिए दो चरणों में लगभग आधे बंधकों को रिहा करेगा. इसके साथ ही, स्थायी युद्धविराम पर भी बातचीत होगी. लेकिन प्रधानमंत्री नेतन्याहू की राय इससे बिल्कुल अलग है. उनके कार्यालय ने पहले कहा था कि इजरायल सिर्फ उसी समझौते को स्वीकार करेगा जिसमें 'सभी बंधकों को एक साथ रिहा किया जाएगा.'