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Survey on Gaza: एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि इज़राइल के ज्यादातर यहूदी नागरिक मानते हैं कि गाज़ा पट्टी में "कोई निर्दोष नहीं" है. यह सर्वे aChord नाम के एक संगठन ने किया है, जो हिब्रू यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक रिसर्च ग्रुप है और सामाजिक मनोविज्ञान पर काम करता है. रिपोर्ट के मुताबिक, 76 फीसद यहूदी नागरिक आंशिक या पूरी तरह इस बात से सहमत हैं कि गाज़ा में कोई निर्दोष नहीं है.
सर्वे में यह भी सामने आया कि विपक्षी दलों के समर्थकों में से भी 47 फीसदने इस दावे का पूरा समर्थन किया. यहां तक कि यहूदी विपक्षी मतदाताओं की एक बड़ी तादाद इस विचार से सहमत है.
रिसर्चर रॉन गर्लिट्ज़ ने इस सर्वे के नतीजों को काफी फिक्र की बात बताया है. उन्होंने कहा कि ये नतीजे यह दिखाते हैं कि समाज में ऐसी मानसिकता बन रही है, जो गाज़ा में हो रही बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत को कबूल करती है.
गर्लिट्ज़ ने लिखा,"गाज़ा में कोई निर्दोष नहीं" से सहमत होना यह कहने जैसा नहीं है कि सबको मार देना चाहिए. लेकिन यह सोच एक ज़हरीली ज़मीन तैयार करती है, जो निर्दोषों की हत्या जैसे हालात को जन्म देती है.
इजराइल पर लगातार नसलीय हिंसा का आरोप लगता आया है. इसके साथ ही पिछले कुछ सालों में इज़राइल में फिलिस्तीनियों और अरबों के खिलाफ नफरत और हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं. पिछले हफ्ते, पेतह टिकवा (केंद्रीय इज़राइल) में एक फ़िलिस्तीनी बस ड्राइवर मोहम्मद अब्द अल-हादी पर यहूदी युवाओं के एक समूह ने हमला कर दिया था.
हमलावर "अरबों की मौत हो" और नस्लीय गालियां चिल्ला रहे थे. घटना के दौरान एक युवक ने इमरजेंसी हैमर से बस की खिड़की तोड़ दी, जबकि पास में एक महिला अपने बच्चे के साथ बैठी थी.
मई महीने में भी यरूशलम में इसी तरह की घटना हुई थी. दक्षिणपंथी रुझान वाले फुटबॉल क्लब बीटार जेरूसलम के प्रशंसकों ने दो फ़िलिस्तीनी बस ड्राइवरों पर हमला किया. इस दौरान कई लोग घायल हुए थे.