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Gaza Israeli Airstrikes: गाजा में पिछले दो सालों से नरसंहार जारी है. इजरायल पूरे गाजा पर भारी बमबारी कर रहा है और निर्दोष फ़िलिस्तीनियों को निशाना बना रहा है. एक तरफ़ इज़रायल ने आज गाजा पर भारी बमबारी की है. आज हुए इजरायली हमले में कम से कम 100 लोग मारे गए हैं. इनमें 38 लोग सहायता केंद्र पर खाना लेने पहुंचे थे, जिन्हें इज़राइली सेना ने गोली मार दी.
वहीं, दूसरी तरफ़ हमास के लड़ाकों ने इज़राइली सेना के नाक में दम कर दिया. हमास की सशस्त्र शाखा, क़स्साम ब्रिगेड का दावा है कि उसके लड़ाकों ने उत्तरी गाजा में इज़रायली सेना के टैंक, बुलडोज़र और सैन्य वाहनों को नष्ट कर दिया है.
दोनों पक्षों के बीच ज़मीनी झड़पों और हवाई हमलों के कारण मानवीय संकट और गहरा गया है. गाजा में मानवीय संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है. बिजली, पानी और दवाओं की कमी ने लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. घनी आबादी वाले इलाकों में हमलों के कारण शरणार्थी शिविर और अस्पताल भी खतरे में हैं.
हमास के लड़ाकों ने किया भीषण हमला
ब्रिगेड के मुताबिक, 6 जुलाई को ज़िटौन क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में लगाए गए एक विस्फोटक से एक मर्कवा टैंक नष्ट हो गया. 7 जुलाई को हुए एक अन्य हमले में, उन्होंने दो डी9 बुलडोजरों को उड़ाने का दावा किया. 9 जुलाई को एक ड्रिलिंग सैन्य वाहन को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया. हालांकि इज़राइल ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय मीडिया और कुछ स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने गाजा के कई इलाकों में भारी धुआं और विस्फोटों की पुष्टि की है.
गाजा बन चुका है कब्रिस्तान
गाजा शहर का ज़िटौन इलाका अब युद्ध का मुख्य केंद्र बन गया है, जहां हर दिन विस्फोटों और गोलाबारी की आवाज़ें सुनाई देती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, यह संघर्ष केवल सैन्य क्षति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हज़ारों आम लोगों के जीवन और मानसिक स्थिति पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है.