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Gaza News: गाजा में पिछले 22 महीनों से इजरायल नरसंहार कर रहा है. इस नरसंहार को रोकने के लिए दुनियाभर के नेता सीजफायर की मांग कर रहे हैं, लेकिन इजरायली पीएम नेतन्याहू अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और पूरे गाजा पर कब्जा करना चाहते हैं. इस बीच IDF ने गाजा गाज़ा शहर के अल-अहली अस्पताल पर हमला किया है. इस हमले में कई लोगों की मौत हो गई है. जबकि सैकड़ों लोग जख्मी हुए हैं.
गाजा शहर के अल-अहली अस्पताल पर बमबारी में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. अस्पताल पहले से ही घायलों और आश्रय की तलाश में लोगों से भरा हुआ था. वहां के डॉक्टर और कर्मचारी सीमित संसाधनों के साथ लगातार इलाज कर रहे थे. स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों और स्कूलों पर हमले मानवता के विरुद्ध अपराध हैं.
वहीं, हमास ने इजरायल पर गाजा शहर पर पूरी तरह से कब्ज़ा करने की योजना बनाने का आरोप लगाया है. संगठन का कहना है कि इज़राइल द्वारा मानवीय सहायता और सुरक्षित पनाहगाह देने की बात सिर्फ़ एक धोखा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की एक चाल है. हमास ने साफ़ तौर पर कहा कि गाजा में मानवीय स्थिति पहले से ही बहुत खराब है, और इज़राइल का असली मकसद यहां के लोगों को बेघर करके उनकी ज़मीन पर कब्ज़ा करना है.
इस बीच, फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक और चिंताजनक आंकड़ा जारी किया है. मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही इज़राइली नाकाबंदी और हमलों के कारण खाद्य पदार्थों की भारी कमी के कारण 11 और लोगों की मौत हो गई है. इस प्रकार, गाज़ा में भुखमरी से मरने वालों की संख्या अब 251 तक पहुंच गई है. इनमें से 108 बच्चे हैं. ये आंकड़े साफ़ तौर पर दर्शाते हैं कि स्थिति न केवल बमबारी के कारण, बल्कि भूख और बीमारी के कारण भी बेकाबू होती जा रही है.
गाज़ा में मानवीय संकट
गाजा की आबादी लगातार विस्थापित हो रही है. हजारों परिवार अपने घर छोड़कर मलबे से घिरे इलाकों में सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं लेकिन सवाल यह है कि ये सुरक्षित ठिकाने कहां हैं? इज़राइल की बमबारी और नाकेबंदी ने लोगों के लिए दवाइयां, ईंधन और खाद्य सामग्री प्राप्त करना लगभग असंभव बना दिया है. संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठन लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो गाज़ा में मानवीय तबाही और भी गंभीर हो सकती है.