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Netanyahu on Hamas Fighters: गाजा में हमास और इजरायल के बीच युद्धविराम समझौता हो गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह समझौता नजर नहीं आ रहा है. इजरायल गाजा के कई इलाकों पर बमबारी जारी रखे हुए है. इस बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कई मौकों पर चौंकाने वाले बयान दिए हैं, जिनसे साफ़ ज़ाहिर होता है कि वह किसी भी कीमत पर गाजा में अपना शासन छोड़ने को तैयार नहीं हैं और प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल जारी रखने के लिए इस युद्ध को लंबा खींचना चाहते हैं.
गाजा सीजफायर समझौते में साफ किया गया था कि हमास के लड़ाके अगर बंदूक छोड़ देते हैं तो उन्हें गाजा से बाहर सुरक्षित जाने का मौका दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. गाजा में हमास के लड़ाकों को मारे जाने की बात कही जा रही है. अब बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने सोमवार को कहा कि इजरायल, इजरायली नियंत्रण वाले राफा क्षेत्र से लगभग 200 हमास आतंकवादियों को गाजा में सुरक्षित रास्ता नहीं दे रहा है.
उन्होंने इस तरह के कदम पर विचार किए जाने की खबरों को खारिज कर दिया. बयान में कहा गया, "प्रधानमंत्री हमास को निरस्त्र करने और पट्टी का विसैन्यीकरण करने के अपने दृढ़ रुख पर कायम हैं, साथ ही हमारी सेनाओं के खिलाफ आतंकवादी खतरों को भी नाकाम कर रहे हैं."
इससे पहले, इजरायली मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि अगर लड़ाके अपने हथियार सौंपने पर सहमत हो जाते हैं और हमास अतिरिक्त बंधकों के शव लौटा देता है, तो इज़रायल उनके सुरक्षित रास्ते को मंजूरी दे सकता है. अल जज़ीरा ने बताया कि मध्यस्थों ने रेड क्रॉस के वाहनों में लड़ाकों को एक विशिष्ट गलियारे से निकालने की संभावना पर चर्चा की थी. इन रिपोर्टों की सरकार के सदस्यों ने तीखी आलोचना की.
'हमास के लड़ाकों को मार देना चाहिए'
राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्वीर ने भी इस मामले पर नेतन्याहू से संपर्क किया और मांग की कि येलो लाइन के पार मौजूद 200 आतंकवादियों को या तो मार दिया जाए या जेल में डाल दिया जाए. बेन ग्वीर ने कहा, "यह उन्हें नष्ट करने या गिरफ्तार करने का अवसर है, न कि उन्हें हास्यास्पद परिस्थितियों में रिहा करने का." सोमवार को ही इजरायली रक्षा बलों ने कहा कि सैनिकों ने कई आतंकवादियों को मार गिराया, जिन्होंने येलो लाइन पार की थी और इस तरह से सेना के पास पहुंचे थे जिससे तत्काल खतरा पैदा हो गया था.