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Zee SalaamIsrael Hamas WarPalestine: नेतन्याहू ने की आलोचना, तो हमास ने दिखा दिया आइना

Palestine: नेतन्याहू ने की आलोचना, तो हमास ने दिखा दिया आइना

Palestine Detainee: इजराइल फिलिस्तीनी बंधकों को नहीं छोड़ रहा है और हमास पर गंभीर इल्जाम लगा रहा है. ऐसे में अब हमास का रिएक्शन आया है.

Palestine: नेतन्याहू ने की आलोचना, तो हमास ने दिखा दिया आइना

Palestine Detainee: हमास ने रविवार को फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों की रिहाई को स्थगित करने के इजरायल के फैसले की निंदा की है. संगठन ने कहा है कि उसका यह दावा कि बंधकों को सौंपने का समारोह "अपमानजनक" है, झूठा है सिरे से गलत है. यह गाजा युद्धविराम समझौते के तहत इजरायल के दायित्वों से बचने का एक बहाना है.

इजराइल और हमास के बीच विवाद

 हमास राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य इज़्ज़त एल रश्क ने एक बयान में कहा कि नेतन्याहू का फैसला समझौते को बाधित करने की एक जानबूझकर की गई कोशिश को दर्शाता है, इसकी शर्तों का साफ उल्लंघन है, और अपने दायित्वों को लागू करने में कब्जे की विश्वसनीयता की कमी को दर्शाता है."

इजराइल न क्या कहा था?

इजराइल ने पहले कहा था कि वह सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई में तब तक देरी कर रहा है, जब तक कि हमास उसकी शर्तें पूरी नहीं कर देता. बता दें, हमास ने बीते रोज इजराइली बंधकों को रिहा किया था. बदले में इजराइल को 600 फिलिस्तीनियों को छोड़ना था. लेकिन, नेतन्याहू के ऑफिस से आदेश आया और फिलिस्तीनी कैदियों को वापस बैरक में डाल दिया गया.

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नेतन्याहू सरकार ने जारी किया स्टेटमेंट

नेतन्याहू के कार्यालय ने रविवार की सुबह एक बयान जारी कर कहा कि इजरायल 620 फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को तब तक रिहा करने का इंतजार कर रहा है, जब तक कि अगले बंधकों की रिहाई सुनिश्चित नहीं हो जाती, और वह भी अपमानजनक समारोहों के बिना.

हमास ने दिया ये जवाब

हमास के एल रश्क ने कहा कि इन समारोहों में बंधकों का कोई अपमान नहीं किया गया है, "बल्कि उनके प्रति मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार को दर्शाया गया है," उन्होंने आगे कहा कि "वास्तविक अपमान" वह है जो फिलिस्तीनी कैदियों को रिहाई प्रक्रिया के दौरान सहना पड़ता है.

हमास के अधिकारी ने कहा कि फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों के हाथ बांधे जाते हैं, उनकी आंखों पर पट्टी बांधी जाती है और उन्हें अपनी रिहाई के लिए कोई जश्न न मनाने दिया जाता है. हमास ने बंधकों को भीड़ के सामने मंच पर आने को कहा है और कई बार उन्हें सौंपे जाने से पहले बोलने को भी कहा है.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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