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Palestinian Factions Gaza: हमास और फतह समेत फिलिस्तीनी संगठनों ने गाजा युद्ध के बाद गाजा पट्टी के प्रशासन के लिए एक अस्थायी, स्वतंत्र तकनीकी समिति बनाने का समझौता किया है. मिस्र की मध्यस्थता में काहिरा में हुई दो दिन की वार्ता के बाद कहा गया कि यह नई समिति गाजा के गैर-पक्षपाती लोगों से बनी होगी और इसका काम दैनिक प्रशासन और आवश्यक सेवाएं देना होगा.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, हमास और दूसरे फिलिस्तीनी संगठनों ने कहा कि यह नई समिति राष्ट्रीय जवाबदेही के ढांचे के तहत काम करेगी. उन्होंने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए वित्त और काम की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय समिति बनाने की मांग भी की. साथ ही, गुटों ने इस महीने की शुरुआत में हुए हमास और इजरायल सीजफायर के पूरा पालन की भी मांग की. इसमें इजरायली सेना की पूरी वापसी, घेराबंदी हटाना, राफा सीमा पार, सभी क्रॉसिंग खोलना और मानवीय मदद की निरंतर आपूर्ति शामिल है.
कौन करेगा युद्धविराम की निगरानी
फिलिस्तीनी समूहों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से एक प्रस्ताव पारित करने का आह्वान किया, जिसमें प्रस्तावित अस्थायी अंतर्राष्ट्रीय बलों को युद्धविराम की निगरानी का दायित्व सौंपा जाए, जिससे मिशन को एक स्पष्ट कानूनी ढांचा मिल सके. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इजरायली जेलों में बंद फ़िलिस्तीनी कैदियों का मुद्दा तब तक प्राथमिकता बना रहेगा जब तक उनकी आज़ादी सुनिश्चित नहीं हो जाती.
फिलिस्तीनी गुटों ने क्या कहा?
फिलिस्तीनी गुटों ने कहा कि वे अपने राजनीतिक प्रयासों को एकजुट करने के लिए राष्ट्रीय संवाद जारी रखेंगे और फ़िलिस्तीनी मुक्ति संगठन को फिर से सक्रिय करेंगे, ताकि यह सभी फिलिस्तीनी समूहों का प्रतिनिधित्व करे. मिस्र, कतर, तुर्की और अमेरिका की मध्यस्थता से हमास और इज़रायल के बीच युद्धविराम समझौता 10 अक्टूबर से लागू हुआ. इसके पहले चरण में कैदियों और बंदियों की अदला-बदली, गाजा में मानवीय सहायता का प्रवेश और इजरायली बलों आंशिक वापसी शामिल है.