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Netanyahu Gaza Strategy: गाजा में पिछले दो सालों से जंग जारी है. इजरायल वहां लगातार नरसंहार कर रहा है. इस नरसंहार में 64 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. इनमें सबसे ज्यादा बच्चे और महिलाएं शामिल हैं. वहीं, दुनियाभर के नेता गाजा में सीजफायर की मांग कर रहे हैं, लेकिन नेतन्याहू अपनी जिद पर अड़े हुए हैं. उनका का कहना है कि जब तक हमास का सफाया नहीं हो जाता और सभी बंधकों को रिहा नहीं कर दिया जाता, तब तक गाजा में सीजफायर नहीं होगा. लेकिन हाल ही में कतर पर हमला करके नेतन्याहू ने दिखा दिया है कि वह इस युद्ध को लंबा खींचना चाहते हैं और न सिर्फ गाजा बल्कि पूरे फिलिस्तीन पर कब्जा करना चाहते हैं.
इस बीच, नेतन्याहू के हालिया बयान से साफ़ हो गया है कि वह गाजा समेत वेस्ट बैंक पर कब्ज़ा करने जा रहे हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि हम फिलिस्तीन को देश नहीं बनने देंगे. वेस्ट बैंक इजरायल हिस्सा है. उन्होंने वेस्ट बैंक में नई इजरायली बस्तियां बसाने की योजना पर भी हस्ताक्षर किए हैं. इस योजना के तहत वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में बांटने की योजना है. आलोचकों के मुताबिक, यह भविष्य में एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की संभावना को खत्म करने की एक सोची-समझी नीति है. उनका मानना है कि नेतन्याहू की रणनीति बंधकों की सुरक्षा से ज़्यादा फ़िलिस्तीन की जमीन पर स्थायी नियंत्रण और अपनी राजनीतिक पकड़ मज़बूत करने की है.
नेतन्याहू के पास है खतरनाक प्लान
आलोचकों का कहना है कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू सिर्फ यह दिखावा कर रहे हैं कि वह गाजा पर हमले बंधकों की रिहाई के लिए कर रहे हैं. दरअसल, उनके पास बंधकों के ठिकानों की जानकारी है, लेकिन जानबूझकर उन्हें सुरक्षित नहीं कर रहे. इसके बजाय गाजा पर भीषण बमबारी और सैन्य कार्रवाई जारी है, जिससे आम नागरिकों और बच्चों की जान खतरे में है. मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट का इल्जाम है कि यह रणनीति मानवीय उद्देश्य की बजाय राजनीतिक और सैन्य दबाव बनाने की है. उनका कहना है कि नेतन्याहू इस हमले के जरिए अपनी घरेलू राजनीति और कठोर नीतियों को मजबूत कर रहे हैं.
गाजा में इजरायल का नरसंहार
गाजा में पिछले 23 महीनों से नरसंहार जारी है. इस नरसंहार में 64 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि 1.60 लाख से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. इनमें ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. गाजा में इज़रायल का नरसंहार अभी भी जारी है. दुनिया भर के नेता युद्धविराम की घोषणा कर रहे हैं, लेकिन इज़रायल सीजफायर पर राज़ी नहीं हुआ है.