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Zee SalaamIsrael Hamas WarGaza Ceasefire: नेत्यनयाहू के आगे कुआं पीछे खाई; अब न जंग लड़ते बन रहा न छोड़ते

Gaza Ceasefire: नेत्यनयाहू के आगे कुआं पीछे खाई; अब न जंग लड़ते बन रहा न छोड़ते

Gaza Ceasefire Agreement : जरायली प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ हुई बैठकों के बाद गाजा समझौते को जारी रखने पर बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल को दोहा भेजने का फैसला किया है, लेकिन इसी बीच  वित्त मंत्री बेजेल स्मोट्रिच ने धमकी दी है कि अगर इजरायल युद्ध विराम समझौते को आगे बढाता है तो वह गठबंधन छोड़ देंगे. 

Gaza Ceasefire: नेत्यनयाहू के आगे कुआं पीछे खाई; अब न जंग लड़ते बन रहा न छोड़ते

यरुशलम:  इजरायल और हमास के बीच अभी सीजफायर समझौता लागू है. ये सीजफायर गुजिश्ता 19 जनवरी से नाफ़िज है. इसके लागू होते ही फिलिस्तीन में 15 महीने से चल रहा इजरायली कत्लो-गारत बंद हुआ है, जिसमें अबतक 60 हज़ार से ज़यादा फिलिस्तीनी अपनी जान गवां चुके हैं. लाखों लोग ज़ख़्मी होकर अपने हाथ- पाँव गंवा चुके हैं. इजरायली हमलों से गाजा शहर पूरी तरह तबाह हो गया है. वहां अब कोई काम धंधा नहीं है. जिंदा बचे फिलिस्तीनी पूरी तरह दूसरे मुल्कों के रहमो- करम पर अपनी ज़िन्दगी गुज़र- बसर करेंगे. 
 
15 महीने से चली आ रही इस जंग में हमास की जवाबी कार्रवाई में इस्राइल को भी भारी नुक्सान उठाना पड़ा है. उसके हजारों सैनिक मारे गए हैं. उसकी इकोनोमिक हालत खराब हो चुकी थी. वो हमास, हिजबुल्लाह और ईरान के साथ एक साथ कई मोर्चों पर जंग में घिरने की वजह से और अंतरराष्ट्रीय दबाब की वजह से फिलहाल जंग से पीछे हट गया है. 

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से मुलाक़ात के बाद फैसला 
गाजा समझौते के तहत 42 दिनों का शुरुआती चरण में कुल 33 बंधकों और इजरायली जेलों में बंद सैकड़ों फिलिस्तीनियों को रिहा किया जाना है. दोनों मुल्कों के बीच अबतक कई बंधकों की अदला- बदली हो चुकी है. वहीँ, दूसरे चरण को लागू करने पर बातचीत युद्ध विराम के 16वें दिन सोमवार को शुरू होनी थी. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इतवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए वाशिंगटन गए हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट की माने तो, नेतन्याहू ने ट्रंप से मुलाकात तक दूसरे चरण की बातचीत के लिए कतर में वार्ता दल भेजने में देरी करने का फैसला किया है. नेतन्याहू ने शनिवार को कहा था कि वह वाशिंगटन में विटकॉफ और वाल्ट्ज से मुलाक़ात के बाद ही दोहा में वार्ता दल भेजेंगे. लेकिन मंगलवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान जारी कर बताया है कि इस्राइल अगले चरण पर बातचीत के लिए कतर में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी कर रहा है. माना जा रहा है कि यह घोषणा वाशिंगटन में नेतन्याहू की अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ हुई बैठकों के बाद ही की गई है.

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सरकार में कुछ लोग समर्थन में तो कुछ नाराज़ 
वहीँ, दूसरी जानिब, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से अगले चरण पर बातचीत के लिए कतर में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा के साथ ही इजरायल सरकार की धुर दक्षिणपंथी मंत्री ने बेंजामिन नेतन्याहू को हमास के साथ बंधकों की रिहाई और युद्ध विराम समझौते के दूसरे चरण को जारी रखने के खिलाफ चेतावनी दे दी है. इजरायली मीडिया के मुताबिक,  धार्मिक जायोनिज्म पार्टी के नेता, वित्त मंत्री बेजेल स्मोट्रिच ने धमकी दी है कि अगर इजरायल युद्ध विराम समझौते के मौजूदा 42-दिवसीय पहले चरण के आखिर में हमास से लड़ाई फिर से शुरू नहीं करता है, तो वह गठबंधन छोड़ देंगे. 

इससे पहले सोमवार को विपक्षी नेता यायर लापिड ने वादा किया था कि समझौते को जारी रखने के लिए उनकी पार्टी सरकार की हिमायत करती रहेगी. यायर लैपिड ने कहा, "अमेरिकी प्रशासन को यह जानने की ज़रूरत है कि इस समझौते की वजह से सरकार को कोई जोखिम तो नहीं है." इस तरह बेंजामिन नेतन्याहू पर एक तरह से सीज फायर समझौते के पहले चरण के बाद गाजा में लड़ाई फिर से शुरू करने का भारी राजनीतिक दबाव है. 

 

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