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Zee SalaamIsrael Hamas Warगाज़ा में भूख और बमबारी से हाहाकार, इजरायली हमलों में मारे गए सिर्फ महिलाएं और बच्चे; UN का दावा

गाज़ा में भूख और बमबारी से हाहाकार, इजरायली हमलों में मारे गए सिर्फ महिलाएं और बच्चे; UN का दावा

Israeli attacks on Gaza: गाज़ा पर इजरायली हमलों में महिलाओं और बच्चों की मौतों पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से खुलासा, 18 मार्च से 9 अप्रैल तक 36 हमलों में केवल नागरिक मारे गए. पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.

गाज़ा में भूख और बमबारी से हाहाकार, इजरायली हमलों में मारे गए सिर्फ महिलाएं और बच्चे; UN का दावा

Israeli attacks on Gaza: इजरायल गाजा में फिलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है. गाजा पर भारी बमबारी के कारण लोग भूख से मर रहे हैं. आईडीएफ के हमलों में निर्दोष फिलिस्तीनी मर रहे हैं, इनमें से ज़्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं. इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि 18 मार्च से 9 अप्रैल तक गाजा पर किए गए 36 इजरायली हवाई हमलों में सिर्फ़ फिलिस्तीनी महिलाएं और बच्चे ही मारे गए हैं. 

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली हमलों में गाजा की महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इन घटनाओं से यह साबित हो गया है कि इन हमलों का निशाना आम नागरिक हैं, जो युद्ध से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

जुमे के दिन मारे गए सबसे ज्यादा लोग
गौरतलब है कि हमास और इजरायल के बीच सीजफायर समझौता हुआ था. इस समझौते के तहत इजरायली बंधकों के बदले इजरायली जेलों में कैद फिलिस्तीनियों को रिहा करने का समझौता हुआ था, लेकिन 2 महीने के अंदर ही इजरायल ने इस युद्ध विराम समझौते को तोड़ दिया और गाजा पर हमला करना शुरू कर दिया. इस सीजफायर के टूटने के बाद से अब तक 1,542 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें शुक्रवार को 500 से ज़्यादा लोग मारे गए. यह आंकड़ा गाजा में बढ़ती हिंसा और मानवीय संकट को और गहरा करता है.

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मानवीय संकट पैदा हुआ
वहीं, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन गाजा की स्थिति पर गहरी चिंता जता रहे हैं और उन्होंने इजरायल से हमले रोकने की अपील की है. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है और इस युद्ध अपराध की जांच की जरूरत पर बल दिया है. साथ ही, गाजा में बिगड़ते हालात को देखते हुए बुनियादी आपूर्ति की गंभीर कमी है, जिससे मानवीय संकट और बढ़ गया है. 

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Tauseef Alam

तौसीफ आलम पिछले चार सालों से पत्रकारिता के पेशे में हैं. उन्होंने देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. Amar Ujala,Times Now...और पढ़ें

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