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West Bank Attack: कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इज़रायली सेटलरों के जरिए मस्जिद को आग लगाए जाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है. फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच यह हमला गुरुवार तड़के सामने आया है.
इलाकाई लोगों के मुताबिक, इज़रायली सेटलरों ने उत्तर वेस्ट बैंक के सलफीत के पास मौजूद फ़िलिस्तीनी गांव दैर इस्तिया की हज्जा हमीदा मस्जिद में आग लगा दी.
सुबह के वक्त की गई इस घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में मस्जिद की दीवारों पर नस्लभेदी और फ़िलिस्तीन विरोधी नारे लिखे दिखाई दिए, मस्जिद के अंदर मौजूद कई कुरआन की कॉपियां भी जलाई गई. इसी दौरान, हिब्रोन के पास बेत उमर शहर में छापेमारी के दौरान इज़रायली फोर्स की गोलीबारी में दो फ़िलिस्तीनी बच्चों की मौत भी हो गई.
संयुक्त राष्ट्र की मानवीय संस्था (OCHA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर के बाद से अब तक सिर्फ ऑलिव हार्वेस्ट से जुड़े 167 सेटलर हमले दर्ज किए गए हैं. इनमें 150 से अधिक फ़िलिस्तीनी घायल हुए और 5,700 से अधिक पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया.
विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्ट बैंक में यह हिंसा गाज़ा में जारी युद्ध की आड़ में बढ़ी है, जहां अक्टूबर 2023 से अब तक 69,000 से अधिक फ़िलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. साथ ही, नेतन्याहू सरकार के मेंबर्स के जरिए वेस्ट बैंक के औपचारिक विलय की मांग से तनाव और बढ़ा है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने जुलाई में चेतावनी दी थी कि सेटलर हिंसा इज़रायली सुरक्षा बलों की मौन सहमति, समर्थन और कई मामलों में भागीदारी के साथ हो रही है. उसका कहना था कि यह हमले वेस्ट बैंक पर इज़रायल का नियंत्रण और विस्तार बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं.